14जेएनडी04-रेलवे जंक्शन का तैयार हुआ नया भवन। संवाद
जींद। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग नौ करोड़ रुपये की राशि से रेलवे जंक्शन का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। अब पार्क और सड़क निर्माण का काम चल रहा है। जंक्शन के नए भवन में यात्रियों के लिए शौचालय, जल बूथ, साइनेज, एफओबी और लिफ्ट जैसी सुविधाएं भी हैं। तकरीबन सभी कार्यालय नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो चुके हैं।
रेलवे जंक्शन के नवीनीकरण की शुरुआत छह अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की थी। इसके नवीनीकरण के काम पर करीब 25 करोड़ रुपये की राशि खर्च
की जानी है। जंक्शन का नए भवन की लंबाई 30 मीटर से ज्यादा है। भवन से बाहर निकलते ही पॉर्च बनाया गया है। जहां तक यात्री अपनी कार भी ले जा सकेंगे। भवन से बाहर निकलते ही सामने शानदार पार्क का निर्माण किया जा रहा है।
यहां पर 50 फुट ऊंचा तिरंगा लगाया जाएगा। नए भवन पर आधुनिक पीआरएस भवन, सहकारी स्टोर और सर्कुलेटिंग एरिया में अन्य निर्माण, शौचालय, जल बूथ, साइनेज, एफओबी, ऐतिहासिक स्मारकों, नए फर्नीचर का प्रावधान और दो लिफ्ट भी लगेंगी। फिलहाल फुटओवर ब्रिज का काम पूरा हो चुका है जबकि लिफ्ट का काम अभी बाकी है।
ये होगा रेलवे जंक्शन का नया रूप
नए भवन में यात्रियों को पार्क के साथ पार्किंग की भी सुविधा मिलेगी। जंक्शन पर अंदर कैफेटेरिया, एक जंक्शन एक उत्पाद वाला स्टाल, प्रतीक्षालय, शौचालय,
प्लेटफार्म शेल्टर का विकास, जल बूथ, मोनो रंग के डिस्पले बोर्ड, जीपीएस आधारित प्लेटफार्म घड़ी लगेगी। यात्री उद्घोषणा प्रणाली को बेहतर करने के साथ ही मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी यात्रियों को मिलेगी।
प्लेटफार्म और शेड के निर्माण पर हो रहे आठ करोड़ खर्च
चारों प्लेटफार्म और शेड के निर्माण पर लगभग आठ करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। प्लेटफार्म को ऊंचा उठाया जा रहा है। फिलहाल चारों प्लेटफार्मों पर चार शेड बने हुए थे लेकिन वे काफी जर्जर हो चुके थे।
प्लेटफार्म-4 पर ही बने शेड के नीचे ही यात्रियों को बैठना पड़ रहा था लेकिन
प्लेटफार्म नंबर एक और तीन पर यात्री पेड़ों के नीचे खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते थे। अब नया शेड और पुरानों का जीर्णोद्धार होने से यात्रियों को बैठने के लिए बेहतर सुविधा मिल पाएगी। प्लेटफार्माें पर शेड लगाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है।
वर्जन
रेलवे जंक्शन के नए भवन का काम लगभग पूरा हो चुका है जिस पर लगभग नौ करोड़ की राशि खर्च
हो चुकी है। पॉर्च के सामने पार्क का निर्माण चल रहा है। अंतिम फेज का काम भी शुरू कर दिया है। -संदीप कुमार, कनिष्ठ अभियंता, रेलवे