ऑक्सीजन अस्पताल रोहतक के ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) को 42 हजार रुपये में इंजेक्शन बेचते हुए गिरफ्तार किया गया है। रोडवेज जीएम बिजेेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम द्वारा वीरवार रात साढ़े नौ बजे बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान लोहचब गांव निवासी रामकेश के रूप में हुई है। रामकेश ऑक्सीजन अस्पताल रोहतक से इंजेक्शन को ब्लैक में बेचने के लिए लाया था।
ऑक्सीजन गैस और रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए जिले में रोडवेज डिपो जींद के जीएम बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली थी कि रामकेश रोहतक के ऑक्सीजन अस्पताल में ओटीए है। वह रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा है। रामकेश इंजेक्शन को 40 से 50 हजार रुपये में बेचता है। इस पर टीम ने ग्राहक के रूप में कर्मचारी सुनील को तैयार किया और रामकेश से संपर्क साधा। सुबह सुनील ने रामकेश को फोन कर कहा कि शाम तक रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध करवा सकता है। शुरू में रामकेश ने 45 हजार रुपये मांगे, लेकिन 42 हजार रुपये में सौदा तय हो गया। रात साढ़े नौ बजे वह इंजेक्शन लेकर नए बस अड्डे के पास पहुंचा। रेमडेसिविर इंजेक्शन देने के बाद सुनील ने रामकेश को 42 हजार रुपये दे दिए। जैसे ही पैसे लेकर रामकेश जाने लगा तो सिविल लाइन थाना पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। रेमडेसिविर की कालाबाजारी के केस में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
रोहतक के ऑक्सीजन अस्पताल से लेकर आया था रेमडेसिविर
नोडल अधिकारी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि रामकेश रोहतक के पुराने बस अड्डे के पास ऑक्सीजन अस्पताल में ओटीए लगा हुआ है। वीरवार रात को वह बाइक पर सवार होकर पिट्ठू बैग में डालकर रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर पहुंचा था। 2800 रुपये की कीमत इंजेक्शन के 42 हजार रुपये रामकेश ने लिए थे। उनकी टीम ने दिनभर पूरे मामले को ट्रेस किया और सफलता हाथ लगी। रामकेश से पूछताछ की जा रही है।
प्रशासन के पास उपलब्ध है रेमडेसिविर, ब्लैक के चक्कर में न फंसे लोग
नोडल इंचार्ज बिजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन के पास प्रचुर मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हैं। अगर किसी को रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत है तो वह अस्पताल प्रबंधन से लिखवाकर हमारे पास लाए। मरीज की केस हिस्ट्री जांच करने के बाद उसे रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध करवा दिया जाएगा। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमत दो से तीन हजार रुपये तक है। इससे ज्यादा कीमत पर इंजेक्शन नहीं खरीदें। अगर कोई कालाबाजारी कर रहा है तो इसकी सूचना प्रशासन को दें।
रोडवेज जीएम बिजेंद्र सिंह की शिकायत पर लोहचब निवासी रामकेश के खिलाफ अवैध रूप से रेमडेसिविर इंजेेक्शन बेचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पता लगाया जाएगा कि रामकेश के साथ इस काम में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
हरिओम, सिविल लाइन थाना प्रभारी।