21जेएनडी14: शहर की संस्थाओं द्वारा किया गया पार्क का बेहतर सुधार। संवाद
जींद। शहर के पार्कों के रखरखाव के लिए अब पार्कों को गोद लेने वाली संस्थाओं को प्रतिदिन कार्यों का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा। एडीसी प्रदीप कुमार ने संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि पार्कों में होने वाले सभी कार्यों का दैनिक ब्यौरा लिखित रूप में रखा जाए।
एडीसी के इस फैसले से पार्कों का रखरखाव करने वाली संस्थाओं को बड़ी राहत मिली है क्योंकि उनके लंबे समय से रुके हुए भुगतान भी जल्द जारी किए जाएंगे।
अन्ना टीम के सुनील वशिष्ठ के नेतृत्व में वीरवार को विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एडीसी से मिले। उन्होंने पार्कों के रखरखाव के बदले मिलने वाली राशि लंबे समय से लंबित होने का मुद्दा उठाया।
इस पर एडीसी प्रदीप कुमार ने सभी संस्थाओं की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और मौके पर ही रुके हुए बिल पास करवाने के निर्देश दिए। आगामी दो से तीन दिनों में 30 लाख रुपये की राशि संस्थाओं को जारी कर दी जाएगी।
एडीसी ने कहा कि पार्कों के बेहतर रखरखाव और निगरानी के लिए हर संस्था को रजिस्टर में रोजाना का रिकॉर्ड दर्ज करना होगा। इसमें यह जानकारी लिखनी होगी कि प्रतिदिन कितने पौधे लगाए गए, पौधों में पानी दिया गया या नहीं, पौधों की कटाई और छंटाई हुई या नहीं और पार्क में साफ-सफाई की स्थिति क्या रही। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों में पारदर्शिता आएगी और पार्कों की स्थिति में भी सुधार होगा। साथ ही प्रशासन को भी नियमित निगरानी में आसानी होगी।
संस्थाओं ने फैसले का किया स्वागत
पार्कों का रखरखाव करने वाली संस्थाओं ने व्यवस्था के तहत काम करने पर सहमति जताई। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि नियमित रिकॉर्ड रखने से कार्यों का डाटा उपलब्ध रहेगा और योजनाबद्ध तरीके से पार्कों का विकास किया जा सकेगा। संस्थाओं ने रुकी हुई राशि जारी करवाने पर एडीसी प्रदीप कुमार का आभार जताया।