संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। यूजी छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए स्पेशल चांस की शुल्क 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का विरोध किया गया। एबीवीपी की महाविद्यालय इकाई ने सीआरएसयू प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सभी पात्र विद्यार्थियों को समान रूप से स्पेशल चांस देने की मांग की।
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय ने यूजी छठे सेमेस्टर के सभी विद्यार्थियों को स्पेशल चांस दिया था। तब री-अपीयर फॉर्म की शुल्क 1000 रुपये निर्धारित थी। इस वर्ष केवल उन विद्यार्थियों को स्पेशल परीक्षा का अवसर मिला है, जिन्होंने पीजी में प्रवेश लिया है। इसके लिए 5000 रुपये शुल्क तय किया गया है। उन्होंने कहा कि समान शैक्षणिक स्थिति वाले विद्यार्थियों के लिए अलग नियम उचित नहीं हैं। शुल्क में पांच गुना वृद्धि से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। संगठन ने विश्वविद्यालय से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
एबीवीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने कहा कि यूजी छठे और पीजी चौथे सेमेस्टर के सभी पात्र विद्यार्थियों को स्पेशल चांस मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पीजी में प्रवेश के आधार पर परीक्षा का अवसर तय न हो। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ। तो छात्रहित में आंदोलन किया जाएगा।