23जेएनडी23: शहर में सफीदों रोड पर पेचवर्क के चलते तारकाेल गर्म करने के लिए भट्ठी जलाकर प्रदूषण
जींद। जिले में पांच दिन की राहत के बाद रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 पर पहुंच गया। पिछले कई दिनों से यह स्तर 270 के आसपास था। सड़कों पर चल रहे पैचवर्क के कारण तारकोल गर्म करने में भट्ठी जलाई जा रही है। वहीं रेलवे रोड पर रविवार सुबह गोगा मेड़ी मंदिर के पास कचरे के ढेर को उठान की बजाय जलाया दिया गया।
पिछले सप्ताह लगातार पांच दिनों तक प्रदूषण का स्तर कुछ स्थिर रहा था। प्रशासन द्वारा तीन दिन तक शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में पानी का छिड़काव भी करवाया गया था। इससे सुधार हुआ लेकिन जैसे ही छिड़काव बंद हुआ तो एक्यूआई में उछाल आ गया।
प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है जबकि समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, खांसी, गले में खराश और सीने में भारीपन की शिकायतें बढ़ रही हैं।
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ऐसे समय में अस्थमा, सीओपीडी, हार्ट डिजीज और एलर्जी से ग्रस्त मरीज विशेष सतर्क रहें। सांस फूलना, सीने में जकड़न, तेज खांसी या आंखों में जलन होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों को बाहर खेलने से रोकें। सांस के रोगी अपनी नियमित दवाओं का सेवन समय पर करें और इन्हेलर साथ रखें।
डाॅ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।
23जेएनडी23: शहर में सफीदों रोड पर पेचवर्क के चलते तारकाेल गर्म करने के लिए भट्ठी जलाकर प्रदूषण