जींद। लोग कोरोना से जितने नहीं डरे, उससे कहीं ज्यादा उसकी वैक्सीन को लेकर डर रहे हैं। कोरोना को हराने के लिए बनाया चक्रव्यूह कमजोर होता जा रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेगा टीकाकरण डे मनाया गया। इस दौरान तीन हजार को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 36 स्थानों पर सिर्फ 709 लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई। इस दौरान 338 आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर और 371 अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। वहीं, सीपीडीओ का कहना है कि सीएचसी छात्तर में काफी संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर पहुंची थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने टीका ही नहीं लगाया।
स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच तालमेल नहीं होने के कारण जिले में वैक्सीन लगाने का कार्य प्रभावित हो रहा है। कार्यक्रम अधिकारी सुमित्रा लाठर ने कहा कि काफी संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छात्तर में पहुंची और वैक्सीन लगाने के लिए कहा लेकिन यहां पर कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं होने के कारण उनको वैक्सीन नहीं लग पाई। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. संदीप का कहना है कि आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर ने कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए वैक्सीन नहीं लगवा सकती। इस कारण सोमवार को उम्मीद के अनुसार परिणाम नहीं आए।
अब तक 3871 लोगों को लगी वैक्सीन
जिले में 16 जनवरी को वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू हुआ था। अब तक 3871 कर्मचारियों व अधिकारियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह आंकड़ा उम्मीद से बहुत कम है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस आंकड़े से काफी नाराज नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी प्रतिदिन वैक्सीन लगाने के लिए कार्यक्रम बनाते हैं लेकिन जब अमलीजामा पहनाया जाता है तो परिणाम संतोषजनक नहीं आ रहे हैं।
जिले में अब तक उम्मीद से कम लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। इसके बारे में डीसी डॉ. आदित्य दहिया व सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह को अवगत करवा दिया गया है। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर कुछ परेशानी भी आई है, जिसको लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। सोमवार को 709 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। इनमें 338 आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर शामिल हैं। पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों का सोमवार को काफी सहयोग मिला लेकिन लघु सचिवालय में लगे कैंप में उम्मीद से कम वैक्सीनेशन हुआ। मंगलवार को दो-तीन स्थानों पर ही वैक्सीन लगाई जाएगी। - डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी