जींद। उम्मीद थी कि चिकित्सकों की नई भर्ती से जींद जिला की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। नई भर्ती से जींद को कुल 37 चिकित्सक मिले, लेकिन अब तक केवल 16 चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया। इनमें से भी एक चिकित्सक ने नौकरी छोड़ दी है।
वहीं अस्पताल में पहले से कार्यरत दो अन्य चिकित्सक भी अस्पताल को अलविदा कह चुके हैं। एक बार फिर से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जींद तरस रहा है और नए स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की बाट जोह रहा है। हालांकि अब जो भी चिकित्सक ज्वाइनिंग के लिए आएगा, उन्हें डीजी हेल्थ से लिखवा कर लाना होगा। नागरिक अस्पताल को चिकित्सकों की नई भर्ती से 37 चिकित्सक मिले थे। एक-एक कर 16 चिकित्सकों ने अस्पताल को ज्वाइन किया। जिन्हें सीनियर चिकित्सकों के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं को समझाने में लगाया गया है। इनमें से भी एक चिकित्सक ज्वाइन करने के बाद छोड़ भी गया। वहीं अस्पताल में पहले से ही कार्यरत हड्डी रोग विशेषज्ञ और डॉ. अजय अग्रवाल जींद अस्पताल को छोड़ गए हैं। इस समय अस्पताल को कुल 55 चिकित्सकों की जरूरत है, जबकि 24 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। इसमें 16 एमओ, तीन डेंटल, चार एसएमओ और एक डिप्टी एसएमओ शामिल हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी हैं। इसके अलावा कभी वीआईपी ड्यूटी तो कहीं कोई स्वास्थ्य कैंप तो कभी दिव्यांग कैंप के लिए चिकित्सकों को जाना पड़ता है। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी होती है। मरीजों व उनके तीमारदारों को पता ही नहीं चल पाता है कि अस्पताल में उनके उपचार से संबंधित चिकित्सक है या नहीं। जिला मुख्यालय पर 200 बेड का अस्पताल बना हुआ है। प्रतिदिन 1500 से ज्यादा की ओपीडी होती है। सोमवार और मंगलवार को ओपीडी की संख्या दो हजार तक पहुंच जाती है। ऐसे में सुबह होते ही चिकित्सकों के कमरे के आगे मरीजों की लाइन लग जाती है। रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए दूर-दूर के गांवों से सिविल अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं नागरिक अस्पताल में पिछले 16 साल से किसी भी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हुई है। बिना रेडियोलॉजिस्ट के कारण जिले के लोगों को निजी अस्पतालों में महंगी फीस पर अल्ट्रासाउंड कराने पड़ रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की यहां बहुत जरूरत है।
वर्जन
37 चिकित्सक जींद अस्पताल को मिले थे, लेकिन 16 चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया। अब जो भी चिकित्सक ज्वाइनिंग के लिए आएगा, उसे डीजी हेल्थ के निर्देश पर ही ज्वाइन किया जाएगा। विशेषज्ञों और चिकित्सकों की कमी के बावजूद भी जितनी सुविधाएं उपलब्ध हैं उनके माध्यम से चिकित्सकों की ओर से अस्पताल में उपचार की बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जाता है। दो चिकित्सकों अस्पताल से रिलीव हो गए हैं।
डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।