जींद। जिले के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल को दोनों समूहों से सर्वश्रेष्ठ दो-दो पेंटिंग्स का चयन कर 25 अक्तूबर तक बीबीएमबी के नोडल अधिकारी को भेजनी होंगी।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में ऊर्जा बचाने की आदत विकसित करने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी की तरफ से आयोजित इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम ऊर्जा बचाओ, पृथ्वी बचाओ और बी स्टार बनो, बीईई स्टार उपकरणों का प्रयोग करो रखी गई है।
विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिता दो घंटे की होगी और इन विषयों के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया जाएगा कि ऊर्जा की बचत सीधे पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी हुई है। आधुनिक युग में ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करना भविष्य की पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है।
प्रतियोगिता को दो समूहों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-ए में कक्षा 5वीं, 6वीं और 7वीं के छात्र शामिल होंगे जबकि ग्रुप-बी में कक्षा 8वीं, 9वीं और 10वीं के छात्र भाग लेंगे। विद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को 20 नवंबर को राज्यस्तर पर आयोजित ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इसके बाद राज्य स्तर पर चुने गए विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे जो कि 11 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगी।
प्रतियोगिता के विजेताओं को 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। विशेष बात यह है कि प्रतियोगिता पूरी तरह से ऑन द स्पॉट होगी और प्रतिभागियों को निर्धारित समय यानी दो घंटे के भीतर अपनी पेंटिंग पूरी करनी होगी।
विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेंगे पुरस्कार
राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार, तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रत्येक समूह की 50 सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग विजेताओं के अलावा को मोमेंटो, प्रमाणपत्र और दो हजार नकद राशि दी जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर राज्य स्तर से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चे 11 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेंगे, जिसमें प्रथम पुरस्कार एक लाख, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार, तृतीय पुरस्कार 30 हजार रुपये और अन्य लैपटॉप, टेबलेट भी दिए जाएंगे।
वर्जन
यह प्रतियोगिता छात्रों के भीतर ऊर्जा संरक्षण की आदत विकसित करने और भविष्य में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक साबित होगी। प्रतियोगिता से न केवल बच्चों की चित्रकला प्रतिभा को मंच मिलेगा, बल्कि उन्हें ऊर्जा की खपत कम करने और नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग करने की प्रेरणा मिलेगी। -रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी जींद