11जेएनडी03: शहर की अनाजमंडी में सुखाने के लिए फैलाया गया धान। संवाद
जींद। 20 दिन के इंतजार के बाद जींद मंडी में पीआर धान की खरीद शुक्रवार को शुरू हो गई थी। उधर, किसानों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। इतने दिनों से जो धान मंडी में पड़े हैं उसे रंग फीका और नमी की मात्रा ज्यादा बताकर खरीदने से इंकार कर रहे हैं।
इसके अलावा पीआर धान साफ न होने का हवाला देकर भी किसानों को गुमराह किया जा रहा है जबकि मंडी में मिलर्स न मिलने के कारण खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं हो पाई। इसके चलते दूसरे पीआर धान की कोई खरीद नहीं हुई। जींद मंडी में पहले दिन 2200 क्विंटल पीआर धान की आवक हुई लेकिन 280 क्विंटल की ही खरीद हो पाई।
जिलेभर की मंडियों में अब तक 7.25 लाख क्विंटल धान की आवक हुई। इसमें से 5.17 लाख की खरीद हो चुकी है। मंडियों में उठान की गति धीमी होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या सबसे ज्यादा नरवाना मंडी में है।
हालांकि मंडियों में पीआर धान के अलावा अन्य वैराइटी की प्राइवेट बोली पर खरीद की जा रही है। अब बेमौसमी बारिश होने के कारण धान की वैरायटी पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। बारिश में धान गिरने के कारण दाने पर भी विपरित प्रभाव पड़ा है। इसका खामियाजा अब मंडी में किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
नरवाना मंडी में नहीं मिल रहे उचित मूल्य
नरवाना मंडी में वैरायटी हल्की होने का हवाला देकर धान का उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा। इसके चलते कुछ किसान पंजाब में धान बेचने को मजबूर हुए। हालांकि यह मामला एसडीएम के संज्ञान में आने के बाद खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए थे और मिलर्स से भी इस बारे में बात की थी। इसके बावजूद इसमें सुधार नहीं हुआ।
मिल अलॉट नहीं हुए
शहर की अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद न होने का कारण मिल अलॉट न होना है। हालांकि मिल अलॉट होने का इंतजार अब हेफेड सोमवार तक करेगी। इसके बाद खुद ही खरीद शुरू की जाएगी। फिलहाल एक दिन 280 क्विंटल की खरीद के बाद हेफेड ने पीआर नहीं खरीदी।
वर्जन
मंडी में पीआर धान खरीद शुरू करवा दी गई है। पहले दिन 280 क्विंटल धान की खरीद की गई थी। फिलहाल नमी की मात्रा ज्यादा व साफ सफाई नहीं होने के कारण खरीद रुकी है। सोमवार को मंडी में हेफेड सुचारु रूप से खरीद शुरू करेगा। -रमनदीप, मैनेजर हेफेड