नागरिक अस्पताल में एक-दूसरे से सटकर खड़े लोग।
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जनवरी महीने में शुरू हुई कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के लिए इसके वैरिएंट ओमिक्रॉन को जिम्मेदार माना जा रहा है। हरियाणा के लगभग 10 जिलों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हो चुकी है लेकिन जींद अभी भी ओमिक्रॉन से अछूता है। जींद में कोरोना की जांच नहीं होती। इसके लिए रोहतक पीजीआई सैंपल भेजे जाते हैं। जींद से अब तक 20 सैंपल ओमिक्रॉन की जांच के लिए भेजे जा चुके हैं लेकिन अभी तक इनकी कोई रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है।
जींद में उचाना स्थित नागरिक अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब स्थापित की गई है। इस लैब में केवल कोरोना वायरस की जांच होती है। इस लैब में वायरस के वैरिएंट की जांच नहीं होती। इसके लिए रोहतक पीजीआई में सैंपल भेजे जाते हैं, जहां पर वैरिएंट की जांच होती है। अभी तक कोरोना वायरस के 400 के आसपास वैरिएंट आ चुके हैं। जींद में 25 दिन पहले 15 सैंपल रोहतक पीजीआई में वायरस के वैरिएंट की जांच के लिए भेजे गए थे लेकिन अभी तक इनकी रिपोर्ट ही नहीं मिली। अभी तीन दिन पहले भी पांच सैंपल वैरिएंट जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी भी रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। जिले में जिस गति से कोरोना संक्रमण फैला है, उससे साफ है कि इसमें ओमिक्रॉन ही मुख्य कारण है लेकिन जब तक इसकी पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता। इस समय कोरोना संक्रमण काफी कमजोर पड़ चुका है। अब ओमिक्रॉन की पुष्टि का कोई महत्व भी नहीं है।
नहीं फैला इस बार लोगों में भय
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के दौरान जिले के लोगों में इस बार कोई भय नहीं दिखाई दिया। जिले में यदि ओमिक्रॉन की पुष्टि होती तो कुछ लोगों में भय दिखाई देता लेकिन पहली लहर के दौरान जो भय लोगों में दिखाई दे रहा था, वह दूसरी लहर के दौरान दिखाई नहीं दिया। तीसरी लहर के दौरान तो लोग बेखौफ होकर घूमते देखते गए। जिले में बहुत कम लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हैं।
जिले से अब तक 20 सैंपल कोरोना वैरिएंट की जांच के लिए रोहतक पीजीआई में भेजे जा चुके हैं। अभी तक किसी भी सैंपल की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। जिले में अभी तक किसी भी व्यक्ति के अंदर ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।
डॉ. पालेराम कटारिया, नोडल अधिकारी कोरोना