जींद। एडीसी प्रदीप कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
एडीसी प्रदीप कुमार बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभिन्न विभागों की ओर से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित निगरानी रखी जाए। यदि कहीं भी सड़क पर गड्ढे अथवा क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई दें तो उन्हें तुरंत भरवाकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए। बरसात के मौसम से पहले यह कार्य का निपटान करें। उन्होंने कहा कि सड़कों की समय पर मरम्मत और रखरखाव से दुर्घटनाओं की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बैठक में बीड़ बड़ा वन से निकलने वाले मार्ग की स्थिति पर भी चर्चा की गई। एडीसी ने गोहाना रोड से नए बस अड्डे की ओर जाने वाली सड़क पर बरसाती पानी की निकासी की समस्या का भी संज्ञान लिया। एनएचआई के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उक्त स्थान पर उचित ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए ताकि वर्षा के दौरान पानी जमा न हो और सड़क की गुणवत्ता प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि जलभराव सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बन सकता है, इसलिए इसके स्थाई समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। एडीसी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की ही नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता गतिविधियों को भी लगातार जारी रखा जाए ताकि आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े। बैठक में एसडीएम सत्यवान सिंह मान, आरटीए गिरीश कुमार, कार्यकारी अभियंता आरके नैन, भानु प्रताप, विकास मलिक, आरएसए भारत नागपाल, एसएचओ शमशेर सिंह, सुनील वशिष्ठ मौजूद रहे।