जींद। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी निश्चिंत होकर ड्यूटी करे। ड्यूटी के दौरान पोलिंग और सुरक्षा कर्मियों के परिजनों को एक्सग्रेशिया के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। ऐसे केस की प्रक्रिया घटना के दस दिन के अंदर शुरू होनी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान कर्मचारी और अधिकारी अपनी जान जोखिम में डालते हैं। उनके योगदान को देखते हुए चुनाव आयोग ने मृत्यु होने पर निकट संबंधी को अनुग्रह राशि के रूप में मुआवजा या गंभीर चोट लगने की वजह से स्थायी दिव्यांगता होने पर सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव में ड्यूटी के दौरान हिंसक घटना, बम ब्लास्ट या आतंकवादी घटना या गोलीबारी की वजह से मृत्यु होने पर परिवार को तीस लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर किसी अन्य कारण से मृत्यु होने पर 15 लाख रुपये, असामाजिक तत्वों के हमले के कारण कर्मचारी के स्थायी दिव्यांग होने पर 15 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार से तथा शरीर के किसी अंग या आंखों की दृष्टि जाने की स्थिति में 7.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु, दिव्यांगता होने की घटना की तिथि से दस दिन के अंदर प्रक्रिया आरंभ करनी होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय एक माह के भीतर संबंधित मामले का निपटान सुनिश्चित करेगा।