छात्रवृत्ति नहीं मिलने और अस्थायी हॉस्टल का अधिक किराया देने से परेशान राजकीय नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने सुबह साढ़े आठ बजे सफीदों-पानीपत-असंध रोड पर जाम लगा दिया। छात्राएं दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक सड़क पर डटी रहीं। सूचना पाकर एसडीएम मनदीप कुमार, तहसीलदार रामपाल, एएसपी अजीत शेखावत व थाना प्रभारी धर्मबीर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं मानी। एसडीएम ने लिखित में उनकी समस्याओं का तीन-चार दिन में निदान का आश्वासन दिया। इसके बाद ही छात्राओं ने जाम खोला। इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों के साथ छात्राओं की भिड़ंत भी हुई। वहीं जाम से वाहनों को रूट डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से निकाला गया।
सफीदों के राजकीय नर्सिंग कॉलेज की एएनएम, जीएनएम व बीएससी की 180 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। सरकार ने ऑनलाइन दाखिले लेकर राजकीय कन्या कॉलेज में अस्थायी रूप से कक्षाएं शुरू कर दी लेकिन उन्हें कोई सुविधा नहीं दी गई। उनको पढ़ाने के लिए स्टाफ नहीं है। जो स्टाफ है वेतन नहीं मिलने के कारण दस सितंबर के बाद से पड़ाना बंद कर दिया है। पीडीएम कॉलेज में छात्राओं के लिए अस्थायी हॉस्टल बनाया गया है। यहां प्रत्येक छात्रा से चार हजार रुपये वसूला जा रहा है। अभी तक छात्राओं को कोई छात्रवृत्ति नहीं दी गई। छात्राओं ने मांग की कि उनको पढ़ाने के लिए स्थायी स्टाप नियुक्त किया जाय। स्थायी हॉस्टल बनाने के अलावा छात्रवृत्ति दी जाय।
सोसायटी संभाल रही कमान
राजकीय सरला मेमोरियल कन्या कॉलेज के तृतीय तल पर चल रहे अस्थायी नर्सिंग कॉलेज की कमान आईपी कन्या एजुकेशन सोसायटी संभाल रही है। इसके प्रधान डीसी, सचिव एसडीएम सफीदों तथा मुख्य सदस्य पूर्व इंजीनियर एवं समाजसेवी टीसी गर्ग व राकेश जैन हैं।
संस्था ने भी खड़े किए हाथ
सफीदों के समाजसेवी लोगों द्वारा चंदा एकत्रित करके स्टाफ का वेतन दिया जाता था, लेकिन अब समाजसेवी लोगों ने चंदा देने से मना कर दिया। पहले स्टाफ को डीसी रेट मिलने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब चंदे के पैसे मिलने भी बंद हो गए।
जल्द मिलेंगी छात्राओं को सुविधा : हुड्डा
नर्सिंग कॉलेज की नोडल अधिकारी संतोष हुड्डा ने कहा कि छात्राओं को क्लीनिकल प्रैक्टिस के लिए जाने के लिए सरकार ने तीन बसें भेजी हैं। फिलहाल छात्राओं को करनाल, जींद, पानीपत व खानपुर मेडिकल कॉलेज में क्लीनिकल प्रैक्टिस के लिए ले जाया जा रहा है। छात्राओं की छात्रवृत्ति मंजूर हो गई है। कॉलेज की डीडी पावर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के सीनियर अकाउंटेंट जितेंद्र कुमार के पास है। सरकार ने बिल्डिंग व हॉस्टल के लिए दस करोड़ रुपये भेज दिए हैं। जल्द ही काम शुरू होने वाला है। स्टाफ के लिए भर्ती निकाली हुई है, जल्द ही नियमित स्टाफ लगाया जाएगा।
कब तक चलाएं चंदे के पैसे से कॉलेज
आईपी कन्या सोसायटी के सदस्य टीसी गर्ग ने कहा कि आखिर चंदे के पैसे से कॉलेज कब तक चलेगा। 21 अक्तूबर 2018 को सीएम ने कॉलेज के लिए दस करोड़ रुपये, तीन बस तथा 50 पोस्ट स्टाफ की नियुक्त की घोषणा की थी। सोसाइटी 22 स्टाफ सदस्यों को करीब तीन लाख रुपये प्रति महीना के खर्च पर रखा हुआ था। 11 फरवरी 2019 को सीएम ने कॉलेज में आकर छात्राओं को आश्वासन दिया था कि उनकी समस्याएं जल्द दूर की जाएंगी, लेकिन अभी तक दूर नहीं हुई।