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Jind News: अब फार्मेसी अधिकारी की निगरानी के बिना दवा नहीं दे सकेंगे प्रशिक्षु

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23 जेएनडी05: प्रशिक्षुओं के साथ बैठक करते हुए डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला। संवाद
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जींद। नागरिक अस्पताल हमेशा अपनी कारगुजारियों को लेकर सुर्खियों में रहता है। कभी यहां प्रसव के बाद जच्चा के गुप्तांग में कॉटन छोड़ दी जाती है तो कभी इमरजेंसी में आए लोगों के साथ उपचार के नाम पर दुर्व्यवहार तक किया जाता है। तीन दिन पहले नागरिक अस्पताल में मंगलवार को चीफ फार्मेसी अधिकारी व प्रवर चिकित्सा अधिकारी ने मरीजों को दवाई वितरण के दौरान फार्मेसी की जांच की। इस दौरान वहां से फार्मेसी अधिकारी ही नदारद मिला था।
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इस पर दवाई वितरण कर रहे फार्मेसी के विद्यार्थियों से पूछताछ की तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। ऐसे में अगर कोई विद्यार्थी गलत दवाई देता है तो इससे मरीज की जान के साथ खिलवाड़ होने का डर रहता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस लापरवाही की जांच कर आदेश दिए हैं कि बिना फार्मेसी अधिकारी निगरानी के दवा खिड़की पर प्रशिक्षु दवा नहीं देेंगे। अगर फार्मेसी अधिकारी को कहीं जाना है तो इस बारे में वह संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाएगा, ताकि व्यवस्था की जा सके। किसी भी सूरत में दवा का गलत वितरण न हो। नागरिक अस्पताल में मंगलवार दोपहर को लगभग एक बजे चीफ फार्मेसी अधिकारी सुभाष, प्रवर चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अरविंद ने फार्मेसी का दौरा किया था। दौरे के दौरान टीम को फार्मेसी अधिकारी योगेंद्र सिंह ड्यूटी से नदारद मिले थे। इसके बारे में फार्मेसी के छात्र भी कोई जवाब नहीं दे पाए। यहां पर दवाई भी फार्मेसी के विद्यार्थियों द्वारा बांटी जा रही थी। फार्मेसी से लीलावती फार्मेसी अधिकारी अवकाश पर है और पवन जैन फार्मेसी अधिकारी जेल ड्यूटी पर गए हुए थे। इसके बावजूद भी ड्यूटी पर उपस्थित न होना एक बड़ी लापरवाही है। जिस पर पत्र लिख कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। दवा वितरण के दौरान अधिकारी का मौजूद नहीं होना गंभीर मामला था।
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डिप्टी एमएस ने ली फार्मेसी अधिकारी व प्रशिक्षुओं की बैठक
डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने अपने कार्यालय में फार्मेसी अधिकारी व प्रशिक्षुओं की बैठक ली और निर्देश दिए कि बिना फार्मेसी अधिकारी की देखरेख के प्रशिक्षु दवा का वितरण न करें। जरा सी लापरवाही से मरीज की जान भी जा सकती है। प्रशिक्षु फार्मेसी अधिकारी की देखरेख में ही कार्य करें। अगर फार्मेसी अधिकारी को कहीं जाना है तो वो अधिकारी को इस बारे में अवगत करवाएं, ताकि दवा खिड़की पर व्यवस्था करवाई जा सके।
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