जींद में मीटिंग करते भाजपा नेता।
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कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में अब भाजपा भी राजनीतिक रूप से सक्रिय होगी। इसके लिए भाजपा उन किसानों से संपर्क साधेगी, जो आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं। इसके लिए भाजपा ने मीटिंग कर योजना तैयार की है। भाजपा के प्रवक्ता डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि अब यह आंदोलन किसान का नहीं, राजनीतिक हो गया है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी भी लोगों को कृषि कानूनों के फायदे समझाने के लिए मैदान में उतरेगी।
डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। यह झूठ पंजाब से शुरू हुआ, कयोंकि वहां कांग्रेस की सरकार है और हरियाणा तक पहुंचा है। इसके लिए भाजपा मंडल स्तर पर कार्यक्रम चलाएगी।
उन्होंने कहा कि फिलहाल बड़े कार्यक्रम करने पर हंगामा हो सकता है। ऐसे में भाजपा के नेता तीन-चार किसानों को एक बार में कृषि कानूनों की वास्तविकता की जानकारी देंगे। उन्होंने इसके लिए विशेष पंफलेट भी पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया।
सामाजिक बहिष्कार करना गलत
इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष राजू मोर ने कहा कि जिस प्रकार किसान आंदोलन की आड़ में भाजपा व जेजेपी नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है, वह सही नहीं है। इससे प्रदेश के भाईचारे को धक्का लगेगा। उन्होंने कहा कि खापों को भी चाहिए कि इस प्रकार से व्यवस्था न बिगड़ने दें।