इनेलो द्वारा स्व. देवीलाल की जयंती पर 25 सितंबर को आयोजित फतेहाबाद में सम्मान समारोह को लेकर इनेलो महिला प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला ने हलके के विभिन्न गांवों के दौरे किए। खापड़ गांव से दौरे की शुरूआत करने के बाद भौंगरा, बुडायन, मखंड, दुर्जनपुर, उदयपुर, नचार खेड़ा, काकड़ोद, सुरबरा, मंगलपुर गांव के दौरे किए।
सुनैना चौटाला ने कहा कि वह स्व. देवीलाल की जयंती पर फतेहाबाद में आयोजित सम्मान समारोह का निमंत्रण देने के लिए आई है। उचाना हलके के गांवों से स्वर्गीय देवीलाल का लगाव रहा। इन गांवों को तो विरोधी पार्टी के लोग स्वर्गीय देवीलाल समर्थक गांव कहते है। यहां के लोगों ने 2009 में पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला को विधायक चुना। बेशक 1984 में लोकसभा का चुनाव हिसार लोकसभा सीट से ओमप्रकाश चौटाला हार गए हों लेकिन उचाना हलके से वह उस समय भी विजयी हुए थे। हलके के लोगों से राजनीति नहीं बल्कि हमारा दिल का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने भाजपा के खिलाफ मतदान करते हुए जिसको विधायक चुना था। आज वह भाजपा की गोदी में जा बैठा। किसानों के नाम पर वोट लेने के बाद आज किसान विरोधी सरकार का हिस्सा वह लोग बने हैं जो चुनाव भाजपा को जमुना पार भेजने की बात करते थे। ऐसे नेताओं की कथनी और करनी में अंतर होता है। मतदाताओं ने भाजपा को सत्ता से बाहर करते हुए विपक्ष को बहुमत देने का काम किया था। जुबान के धनी के रूप में अगर किसी को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में जानते है तो वह अभय चौटाला है। किसान आंदोलन में तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होने पर इस्तीफा देने की बात कहने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया। तीनों कानून रद्द होने के बाद ऐलनाबाद उप चुनाव हुआ तो फिर से उन्हें विधायक वहां के मतदाताओं ने चुना। इस अवसर पर जिला प्रधान रामफल कुंडू, हलकाध्यक्ष बलराज नगूरां, जोन प्रभारी बलवंत छातर, सुरेश सुरबरा, सत्ता डूमरखां, वकील करसिंधु, सुदेश कंडेला मौजूद रहीं।
सुनैना ने जींद जिले की संभाली है कमान
जींद जिले ने इनेलो को 2009 में पांचों सीट दी थी। जींद को इनेलो का गढ़ भी कहा जाता रहा है। 2014 में भी जींद से तीन विधायक इनेलो के बने। इनेलो से अलग होकर जेजेपी पार्टी बनने के बाद इनेलो को इसका नुकसान हुआ। 2019 में जींद से कोई विधायक नहीं बना बल्कि वोट प्रतिशत भी जिले में कम हुआ। आज जींद जिले में जेजेपी के सबसे अधिक तीन विधायक है। अब इनेलो को जींद में फिर से मजबूत करने के लिए सुनैना चौटाला ने कमान संभाली हुई है। 25 सितंबर को फतेहाबाद में आयोजित सम्मान समारोह को लेकर निरंतर वह जिले के गांवों में जनसंपर्क अभियान के तहत पहुंच रही है। गांव में उनको सुनने के लिए विशेष महिलाओं की संख्या अधिक होती है।