नेहरू पार्क में आयोजित बैठक में मौजूद लोग।
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जींद। सफाई कर्मचारियों की बैठक शनिवार को नेहरू पार्क में हुई। इसकी अध्यक्षता यूनियन के जिला उपप्रधान गुलाब व नगर पालिका कर्मचारी संघ के जींद ब्लॉक के प्रधान बिजेंद्र ने की। राज्य उपमहासचिव बसाऊ राम ने कहा कि देश व प्रदेश में कई सरकारें सत्ता में आईं और चली गईं, लेकिन सफाई कर्मचारियों की पिछले 35 साल से कोई स्थायी भर्ती नहीं हुई। आज सफाई कर्मचारियों की कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सफाई कर्मचारियों को कोरोना योद्धा की उपाधि दी गई। कोरोना संक्रमण के कारण कई सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई, लेकिन उनके परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया। इसलिए तमाम विभागों, संस्थानों, नगरपालिका, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांग है कि सभी सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जब तक पक्का नहीं किया जाता, समान काम-समान वेतन दिया जाए। न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये मासिक किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए संयुक्त रूप से आंदोलन करने की जरूरत है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल ने कहा कि सरकार जन विरोधी नीतियां अपना रही हैं। इससे आम जनता का जीना मुश्किल हो रहा है। जिस प्रकार किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन को जीता है और सरकार को झुकाया है, उसी प्रकार हम सब को एकत्रित होकर ऐसे ही आंदोलन करने की जरूरत है। इसी कड़ी में सर्व कर्मचारी संघ तमाम कर्मचारियों को लेकर 12 दिसंबर को प्रदेशभर में जिला मुख्यालय पर हल्ला बोल कार्यक्रम कर रहा है। सीटू के जिला प्रधान सतबीर खरल ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसान, मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू कर रही है और देश की जनता को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है। इसलिए देश व प्रदेश में तरह-तरह के जन विरोधी कानून लेकर आती है। इस अवसर पर जयबीर, सोहन लाल, हरबंश, राजबीर, अजय, सूरजमल, संजय, राजेंद्र, कर्मबीर, सुल्तान, सुखविंद्र, मोनू, संतोष, मुकेश, प्रवीण, रणधीर व मनजीत भी मौजूद रहे।