बंदर और कुत्तों के काटने के बाद लगने वाले एंटी रेबीज इंजेक्शन छह महीनों से नागरिक अस्पताल में खत्म हैं। यहां पर बंदर और कुत्ते के काटे पर मरीज को यहां पर एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं मिलने पर बाजारों से दवा की दुकानों से महंगे इंजेक्शन खरीद कर लगवाने पड़ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि एक या दो महीने से नहीं बल्कि छह महीने से इंजेक्शन नहीं है। हर रोज पांच से छह मरीज अस्पताल में आते हैं। बीपीएल व गुलाबी कार्ड धारकों को अस्पताल में मुफ्त इंजेक्शन लगता है तो अन्य मरीजों को 100 रुपये प्रति इंजेक्शन के देने पड़ते हैं। बाजार में एक इंजेक्शन 300 रुपये से ऊपर का आता है।
बंटी, विकास, वीरेंद्र, नरेश ने कहा कि छह महीने से नागरिक अस्पताल उचाना में एंटी रेबीज का इंजेक्शन खत्म है। रोजाना बंदर व कुत्ते के काटने के मामले आ रहे हैं। अस्पताल में भी पांच से छह मरीज आ रहे हं, लेकिन यहां पर एंटी रेबीज के इंजेक्शन न मिलने पर बाजार से महंगे दाम में इंजेक्शन खरीदकर लगवाने पड़ रहे हैं।
10 तक आ जाएगी सप्लाई
कई बार एंटी रेबीज इंजेक्शन की सप्लाई को लेकर डिमांड भेजी जा चुकी है। 10 अक्तूबर तक अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन की सप्लाई आ जाएगी। छह महीने से अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन नहीं हैं।
-डॉ. सुशील गर्ग, एमओ, नागरिक अस्पताल उचाना।