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बैंकों ने नहीं बदले नोट, कैश जमा कराया

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गतौली गांव में बैंक के बाहर नारेबाजी करते किसान। - फोटो : bureau
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एक सप्ताह से जारी करेंसी का संकट शुक्रवार को भी जारी रहा। करेंसी नहीं होने के कारण अधिकतर बैंक और एटीएम ड्राई रहे। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नोट बंदी के नौवें दिन भी शुक्रवार को हालत पहले की तरह ही रहे। सबसे अधिक दिक्कत बैंकों को कैश नहीं मिलने के कारण आ रही है। बैंकों ने नोट नही बदलें और लोगाें से नकदी जमा कराई । दरअसल शुक्रवार को आरबीआई से जिले को महज एक करोड़ रुपये ही मिले हैं। वहीं एसबीआई ने उकलाना और हांसी जैसे शहरों से कैश एकत्रित किया। शुक्रवार को जींद में महज सात करोड़ रुपये ही लोगों को जारी किए गए, जबकि जींद में प्रतिदिन करीब 30 करोड़ रुपये की जरूरत है। वहीं बैंकों में कैश बदलने की व्यवस्था बंद रही और सिर्फ बैंक खातों से ही लेनदेन हुआ। वहीं जुलाना के गतौली गांव में चहेतों को पैसे देने के आरोप लगाते हुए लोगों ने बैंक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। अन्य दिनों की तरह ही जल्दी कैश पाने के लिए लोग बैंक खुलने से पहले ही बैंकों और एटीएम की लाइन में लग गए। जैसे ही बैंक खुले, अधिकतर बैंकों ने कैश नहीं होने की बात कही तो लोगों के चेहरों पर मायूसी छा गई। इसके बाद लोग दूसरे बैंकों की शाखाओं में गए, लेकिन यहां भी करेंसी नहीं बदली गई। सिर्फ खातों से ही लेनदेन हुआ। इससे कैश बदलवाने के लिए लाइन में लगे लोगों को और भी परेशानी हुई। इसमें मजदूर तबके के लोग अधिक हैं, जिनके बैंक खाते बाहर हैं। ऐसे में इन लोगों के समक्ष अब जीवन यापन का भी संकट खड़ा है।
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छह दिन से बैंक के चककर काट रहा किसान
जुलाना। बैंक से कैश नहीं मिलने पर गतौली गांव के पीएनबी बैंक के सामने किसानों ने बैंक मैनेजर व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि बैंक मैनेजर अपने चहेतों को रुपये दे रहा है। किसान बैंक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें बीज व खाद के लिए रुपये नहीं मिल रहे हैं। शुक्रवार को सैकड़ों किसान गतौली गांव के पीएनबी बैंक में रुपये निकलवाने के लिए पहुंचे। बैंक में कैश कम होने के कारण किसानों को बिना रुपये के ही लौटना पड़ा। गुस्साए किसानों ने बैंक के सामने बैंक मैनेजर व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि गेहूं की बिजाई का समय है, लेकिन खाद व बीज लेने के लिए बैंक से रुपये नहीं मिल रहे हैं। कई दिनों से वह लाईन में लग रहे हैं लेकिन जब भी उनका नंबर आता है बैंक कर्मचारी कह देते हैं कि कैश समाप्त हो गया है। गढ़वाली गांव के जयबीर, खरैंटी गांव का सत्यनारायण शर्मा, गतौली गांव का शिवपाल, सूरजमल, राजेंद्र किसान ने बताया कि बैंक से रुपये निकलवाने के लिए उन्होंने अपने खाते की कॉपी तीन दिन पहले बैंक में जमा की थी, लेकिन तीन दिन के बाद भी उनका नंबर नहीं आया है। बीज व खाद के लिए उन्हें रुपये की शक्त जरूरत है। बैंक मैनेजर अपने चहेतों को रुपये दे रहा है। पूर्व सैनिक राजेंद्र मलिक ने बताया कि उसने एक सप्ताह पहले रुपये बैंक में जमा करवाएं थे, लेकिन निकलवाने के नाम पर बार-बार धक्के खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बैंक मैनेजर कह रहे है कि कैश खत्म हो गया है, लेकिन इसके बावजूद भी बैंक से रुपये लोगों को रुपये लेकर जाते हुए देखा गया है।

बैंक में कैश केवल चार से पांच लाख ही आ रहा है, लेकिन बैंक में चार गांवों के लोगों के खाते हैं। उपभोक्ता अधिक है और कैश कम पड़ रहा है। जैसे ही कैश आता है लोगों को बांट दिया जाता है। अपने चहेतों को पैसे देने वाले सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
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- रवि प्रकाश, शखा प्रबंधक, पीएनबी गतौली

शामलो कलां शाखा में भी हंगामा
शामलो कलां गांव स्थित पीएनबी की शाखा में भी लोगों ने बैंक अधिकारियों पर लोगों को गलत तरीके से कैश देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसकी सूचना डीसी विनय सिंह तक पहुंची तो उन्होंने तहसीलदार को मौके पर भेजा, लेकिन उस समय मामला शांत हो चुका था।

सिर्फ जमा हुआ कैश
शुक्रवार को शहर के अधिकतर बैंकों में कैश नहीं होने के कारण सिर्फ लोगों के पैसे जमा किए गए। ऐसे में कैश लेने वालों को खाली हाथ लौटना पड़। दोपहर बाद कुछ बैंकों में कैश आया और लोगों को कुछ राहत मिली।

बैंक में कैश खत्म होने से हो रही परेशानी
कोर्ट के बाहर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर सुबह से ही पैसे निकलवाने के लिए लाइन में लगे हैं। लेकिन बैंक कर्मचारी ये कह रहे हैं कि बैंक से कैश खत्म हो गया हैं। वहीं एटीएम में भी कैश नहीं होने से काफी परेशानी हो रही हैं।
- दीपक स्थानीय निवासी।

शादी के पैसे लेने आए, वापस लौटे
शादी का कार्ड लेकर एक-दो लोग आए हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी औपचारिकता पूरी नहीं थी, ऐसे में बैंक से पैसे नहीं दिए जा सके। सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आने वालों को ही पैसे दिए जाएंगे।
सुभाष पंवार, शाखा प्रबंधक, एसबीओपी, लघु सचिवालय जींद।

 कैश की परेशानी
कैश की काफी कमी चल रही है, इससे बैंक भी मजबूर हैं। शुक्रवार को आरबीआई से महज एक करोड़ रुपया मिला है। वहीं एसबीओपी के पास कुछ कैश था, वहां से जारी किया गया है। कुछ बैंकों ने आसपास के पैसा जुटाया है। करीब सात करोड़ रुपये लोगों को दिए गए हैं।
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- हरिश अनेजा, ऑफिसर, लीड बैंक


 
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