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Jind News: न बसें, न यात्री... पुराना बस अड्डा बना नशेड़ियों का ठिकाना, जिम्मेदार बेखबर

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19जेएनडी11 से 14: पुराने बस अड्डे के प्रथम तल पर पड़ी नशीली दवाइयाें की खाली बोतल व सीरिंज। संव
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जींद। शहर का पुराना बस अड्डा नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। नया बस अड्डा वर्ष 2022 में शुरू होने के बाद पुराने बस अड्डे का भवन लगभग वीरान पड़ा है। नशे के आदी लोग भवन के कमरों में दिनभर बैठे रहते हैं। नशीली दवाओं के इंजेक्शन लगाने समेत अन्य तरह के नशे का सेवन करते हैं। हालात यह हैं कि सुनसान पड़े भवन में असामाजिक गतिविधियां बढ़ने से आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है।
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शहरवासियों का कहना है कि पुराने बस अड्डे के प्रथम तल पर हालात बेहद चिंताजनक हैं। यहां एक समय में करीब 10 से 15 नशेड़ी बैठे नजर आते हैं। दिनभर लोगों की आवाजाही के बावजूद इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। भवन के कमरों में जगह-जगह नशीली दवाओं की खाली बोतलें, इस्तेमाल की गई सीरिंज और इंजेक्शन बिखरे पड़े हैं।
कई कमरों में अन्य आपत्तिजनक सामान भी मिला है। परिसर की स्थिति देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि लंबे समय से यह भवन नशे के सेवन का अड्डा बना हुआ है। यदि प्रशासन ने समय रहते सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए तो आने वाले दिनों में यह स्थान नशेड़ियों का स्थायी ठिकाना बन सकता है।
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खिड़की-दरवाजे तोड़कर सामान चोरी
नया बस अड्डा शुरू होने के बाद पुराने बस अड्डे का इस्तेमाल लगभग बंद हो गया। शहरवासियों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने भवन की खिड़कियां और दरवाजे तक तोड़ दिए। भवन में लगा लोहे का सामान भी चोरी कर लिया गया। अब भवन का बड़ा हिस्सा खुला पड़ा है जिससे किसी के भी अंदर जाने पर रोक नहीं है।

वर्जन

दिनभर पुराने बस अड्डे पर लोगों की आवाजाही रहती है लेकिन इसके बावजूद नशेड़ी बेखौफ होकर भवन में प्रवेश करते हैं और घंटों वहां बैठे रहते हैं। प्रथम तल के कमरों में नशीली दवाओं के खाली पैकेट, बोतलें और सीरिंज पड़ी मिली हैं। पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। - राजकुमार गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता

वर्जन

जिला पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई और नशीले पदार्थों की बरामदगी का दावा करती है लेकिन शहर के बीचोंबीच स्थित पुराने बस अड्डे पर खुलेआम नशा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना सवाल खड़े करता है। पुलिस यदि यहां नियमित जांच करे और नशा करने वालों से पूछताछ करे तो नशीली दवाएं और इंजेक्शन कहां से खरीदे जा रहे हैं और इन्हें कौन उपलब्ध करा रहा है इसकी जानकारी मिल सकती है। - सुनील राज बामणिया एडवोकेट

वर्जन

पुराने बस अड्डे पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और भवन को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराया जाना चाहिए। भवन के दरवाजे-खिड़कियां बंद करवाकर इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जरूरतमंद लोगों को नशामुक्ति केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि शहर के बीचोंबीच स्थित यह सार्वजनिक भवन नशे का अड्डा बनने से बच सके। - घनश्याम गोयल एडवोकेट

वर्जन

पुराने बस अड्डे पर नशेड़ी लोगों को रोकने के लिए गश्त की जाती है। इनका कोई निर्धारित समय नहीं होने के कारण पकड़ में नहीं आ पाए। यहां नशेड़ियों को रोकने के लिए राइडर्स की गश्त बढ़वाई जाएगी। - आशीष मलिक, सिविल लाइन थाना प्रभारी जींद।

19जेएनडी11 से 14: पुराने बस अड्डे के प्रथम तल पर पड़ी नशीली दवाइयाें की खाली बोतल व सीरिंज। संव

19जेएनडी11 से 14: पुराने बस अड्डे के प्रथम तल पर पड़ी नशीली दवाइयाें की खाली बोतल व सीरिंज। संव

19जेएनडी11 से 14: पुराने बस अड्डे के प्रथम तल पर पड़ी नशीली दवाइयाें की खाली बोतल व सीरिंज। संव

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