सफीदों। गांव साहनपुर के सरपंच प्रतिनिधि व शराब ठेकेदार नरेंद्र राठी हत्याकांड मामले में करीब साढ़े नौ साल बाद फैसला आया है। अतिरिक्त जिला जज न्यायालय नेहा नोरिया की अदालत ने फैसला सुनाते हुए सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में उन्हें दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अतिरिक्त जिला जज ने इस मामले में उचाना के गांव मांडी कलां निवासी अशोक उर्फ शोकी (33), गांव संगवाल निवासी राजेश (35), नारनौद के गांव मोठ निवासी संदीप उर्फ काला (34), सोनीपत के गांव सतवाली निवासी विशाल उर्फ माया (29), सोनीपत के गांव गुमड़ निवासी धर्मराज उर्फ धर्मा (32), जींद के नरवाना निवासी जगदीश उर्फ दुखी (30), पानीपत के सिवाह निवासी प्रसन्न उर्फ लंबू (38) को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
वहीं इस मामले में खाजल उर्फ जेलर, अनिल, प्रवीण उर्फ आशु, प्रदीप उर्फ सरपंच व सुमेर को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा इस केस के आरोपी दलजीत उर्फ जीता निवासी गांव बुढ़ाखेड़ा, मुनेश उर्फ मन्नू निवासी गांव किडौली (सोनीपत), अशोक निवासी ईक्कस, सफीदों के गांव रामनगर निवासी अशोक, मीता उर्फ कालो व रामपाल, गांव हाड़वा निवासी किस्मत, गांव बुआना लाखू (पानीपत) निवासी सोमबीर, गांव गामड़ी (गोहाना) निवासी देवेंद्र उर्फ मोनू, नसीब निवासी गांव खढ़वाली (रोहतक) को बरी किया गया है।
इस मामले में मिली है सजा
पांच जून 2016 को दिनदिहाड़े सफीदों के गांव साहनपुर रोड पर गांव के सरपंच प्रतिनिधि व शराब ठेकेदार नरेंद्र राठी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। दो गाड़ियों में सवार होकर आए बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस दौरान रिश्तेदार दिल्ली निवासी सतपाल भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना वाले दिन शराब ठेकेदार नरेंद्र राठी अपने साढू दिल्ली निवासी सतपाल के साथ गाड़ी में सवार होकर सफीदों की तरफ आ रहा था। नरेंद्र राठी ने खेतों के रास्ते से भागने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उसका पीछा कर लिया और लगभग आधा दर्जन से अधिक गोलियां मार दी। इससे नरेंद्र राठी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका रिश्तेदार सतपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में पुलिस ने नरेंद्र राठी के भाई की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया था।