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नया बस स्टैंड शुरू होने में एक और बाधा, बोर के दौरान 300 फुट पर मिला खारा पानी

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जींद। 32 करोड़ रुपये की लागत से चार महीने पहले बनकर तैयार हुए नए बस स्टैंड को शुरू करने में अब एक और अवरोध आ गया है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां लगवाए जा रहे ट्यूबवेल के बोर के दौरान 300 फुट की गहराई पर खारा पानी मिला है। अब यहां करीब एक हजार फुट पर बोर करना होगा। इसमें लागत बढ़ेगी और इस प्रक्रिया में और अधिक समय लगेगा।
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इसके चलते डिपो प्रबंधन की ओर से पानी के लिए दूसरा विकल्प तलाशा जा रहा है। इसके तहत डिपो महाप्रबंधक बिजेंद्र सिंह, ट्रैफिक प्रबंधक योगेंद्र आसरी, जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन गुरमीत सिंह ने नए बस स्टैंड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पेयजल में टीडीएस की मात्रा दो हजार पाई गई। हालांकि नए बस स्टैंड पर 500 लीटर की क्षमता वाला बड़ा आरओ प्लांट भी लगा है। नए बस स्टैंड पर पेयजल को लेकर सर्वे रिपोर्ट में सैंपल फेल होने के बाद पेयजल सुविधा के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पर विचार किया गया। शहरी विकास प्राधिकरण के नहरी पानी पर आधारित पेयजल को यहां तक लाने के बारे में भी विचार विमर्श किया गया। अब पेयजल की व्यवस्था होने के बाद ही नए बस स्टैंड पर शिफ्टिंग का काम शुरू हो पाएगा।
चार महीने पहले हुआ था उद्घाटन
डॉ. कृष्ण मिड्ढा व जेजेपी विधायक अमरजीत ढांडा भी मौजूद रहे। उस दौरान भी नए बस स्टैंड पर पेयजल व बिजली का कनेक्शन ही बाकी था। हालांकि सर्विस लेन को लेकर भी रोडवेज, लोक निर्माण विभाग व एनएचएआई के बीच पेंच चल रहा है। अब बिजली का कनेक्शन तो हो गया है, लेकिन पेयजल व सर्विस लेन को लेकर जितना जल्दी यह मामला सुलझे उतना जल्दी ही नए बस स्टैंड से बसों का परिचालन शुरू हो पाएगा।
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अधिकारियों को सता रही चिंता
दो हजार टीडीएस का खारा पानी मिलने से अब अधिकारियों को चिंता सता रही है कि रोडवेज वर्कशॉप में बस धोने पर वे खराब होंगी। हालांकि पीने के लिए आरओ से पानी को सुधारा जा सकता है, लेकिन बस धोने में इस्तेमाल होने वाले पानी का विकल्प नहीं मिल रहा है। अधिकारियों की चिंता है कि खारे पानी से बस धोने से उनमें जंग लगेगा और जल्द ही बॉडी खराब हो जाएगी।
बॉक्स
पहले भी उठा था सवाल
बस स्टैंड बनने से पहले भी यहां के खारे पानी को लेकर सवाल उठे थे और रोडवेज अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजी थी। इसके बावजूद यहीं पर बस स्टैंड बनाया गया है। अब अधिकारी पानी के लिए अन्य विकल्प तलाश रहे हैं।
वर्जन
पिंडारा स्थित नए बस स्टैंड पर छत पर 500 लीटर का बड़ा आरओ प्लांट लगा है। पेयजल के लिए अधिकारी विकल्प तलाश रहे हैं। जल्द ही नए बस स्टैंड पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके बाद नए बस स्टैंड पर शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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- बिजेेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।
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