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जीवन में ज्ञान का अहंकार कभी न करें : अशोक शर्मा

Fri, 09 Jan 2026 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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08जेएनडी28: कीर्तन में पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत पुजारी
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जींद। महाराजा अग्रसेन मंदिर उचाना मंडी के पुजारी अशोक शर्मा भजन-कीर्तन में कहा कि ज्ञानी लोग फल की चिंता करके भ्रम पैदा न करें। खुद शास्त्रों के नियमानुसार कर्म करें और अज्ञानियों को भी वैसा करने की सीख दें। कहा कि जीवन में ज्ञान का अहंकार कभी न करें।
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जब घर में कोई अच्छा पढ़-लिख जाता है तब वह सोचने लगता है कि मैं ज्यादा समझदार हूं और बाकी सब कम बुद्धि वाले हैं। ऐसा सोचने के बाद बार-बार अपनी योग्यता का बखान करके दूसरों की बुद्धि में भ्रम पैदा करने लगते हैं। ऐसे ही जिसको ब्रह्मज्ञान हो जाता है, उसका अहंकार भी बढ़ जाता है। अज्ञानी का अहंकार फिर भी कम होता है लेकिन ज्ञानी का अहंकार बहुत बड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि वह अज्ञानियों को तुच्छ समझने लगता है। इस बात को ध्यान में रखकर भगवान श्रीकृष्ण कह रहे हैं कि फल की चिंता करके किए जाने वाले कर्म में लगे लोगों को ज्ञानी ऐसा न कहें कि तुम कहां छोटे-छोटे धार्मिक कर्मों में फंसे रहते हो, इससे मुक्ति मिलने वाली नहीं है। मिसाल के तौर पर अज्ञानी यदि धार्मिक अनुष्ठान कर रहा है तो उनको मना न करें, बल्कि साथ बैठ कर उन्हें सही तरह से करवाने की कोशिश करें। कर्म से बंधे इंसान की आस्था को तोड़ें नहीं बल्कि उसकी आस्था और श्रद्धा को और बढ़ाएं। ऐसा करने से ज्ञानी का अहंकार नहीं बढ़ेगा और अज्ञानी के मन में भ्रम भी पैदा नहीं होगा।
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