12जेएनडी20-जुलाना मंडी में पड़ी गेहूं की फ सल। संवाद
जुलाना। कस्बे की अनाज मंडी में खरीद एजेंसियों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। उठान नहीं होने और मौसम खराब होने से मंडी में लाखों क्विंटल गेहूं भीग रहा है। उठान नहीं होने पर किसानों की करोड़ों रुपये की पेमेंट नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी में अब तक 9 लाख 97 हजार 888 क्विंटल की आवक हो चुकी है। मंडी में अब तक एक लाख 13 हजार 411 क्विंटल गेहूं का उठान नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों की 27 करोड़ 50 लाख 21 हजार 675 रुपये की पेमेंट नहीं हो पाई है, जिससे किसानों को आढ़तियों के पास चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले साल अब तक 9 लाख 48 हजार 80 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। उठान नहीं होने पर आढ़ती एसोसिएशन ने मार्केट कमेटी सचिव को पत्र लिखकर उठान के काम में तेजी लाने की गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद उठान के काम में तेजी नहीं आ पाई।
इसके चलते आढ़तियों की परेशानी और बढ़ती हुई नजर आ रही है। मंडी में पड़े गेहूं पर भी बारिश का खतरा है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने कहा कि मंडी में उठान नहीं होने के कारण किसानों की पेमेंट रुकी हुई है और किसान पेमेंट के लिए आढ़तियों के पास चक्कर काट रहे हैं। खरीद एजेंसियों के पास कैरेट भी उपलब्ध नहीं हैं तो उठान के काम में देरी हो रही है। आढ़तियों की मांग है कि जल्द से जल्द उठान का काम करवाया जाए ताकि किसानों की पेमेंट हो सके।
मंडी से उठान का काम नियमित रूप से हो रहा है। हर रोज लगभग 30 हजार बैग का उठान हो रहा है। भारतीय खाद्य निगम ने मंडी से सीधी डिलीवरी की मांग कर ली है। मंडी से उठान के काम में और तेजी लाई जाएगी।
-राहुल, इंस्पेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जुलाना।