17जेएनडी14: घर में सजाई बगिया की सिंचाई करती हुए अध्यापिका नीलम। संवाद
जींद। अगर किसी महिला की लगन और मेहनत पूरे वातावरण को बदल दे तो वह सिर्फ प्रेरणा नहीं बल्कि एक जीवंत मिसाल बन जाती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है जींद के अर्बन इस्टेट निवासी और अध्यापिका नीलम की, जिन्होंने पिछले 20 वर्षों से स्कूलों और अपने घर को हरियाली से इस कदर सजाया कि वह आज एक जीवंत हरित मॉडल बन चुका है।
वर्ष 2005 में जब कई स्कूलों में बिजली की सुविधा सीमित थी और गर्मी के कारण विद्यार्थी परेशान रहते थे तब नीलम ने अपने स्तर पर पहल स्कूल परिसरों में छायादार पौधे लगाने शुरू किए। उनका उद्देश्य केवल पौधरोपण नहीं था बल्कि बच्चों को प्राकृतिक वातावरण में राहत देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
नीलम ने जहां भी अध्यापन कार्य किया, वहां उन्होंने स्कूल परिसर को हराभरा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। समय के साथ उनके लगाए पौधे बड़े होकर छायादार वृक्ष बन गए जो आज विद्यार्थियों को राहत देने के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ बना रहे हैं।
नीलम ने अपने घर को 50 से अधिक वैराइटी के पौधों से एक सुंदर बगिया में बदल दिया है। इनमें तुलसी, एलोवेरा, गिलोय, पुदीना, मोगरा सहित कई औषधीय और खुशबूदार पौधे शामिल हैं। वह घरेलू जरूरतों और स्वास्थ्य के लिए भी इन पौधों का उपयोग करती हैं।
नीलम से प्रेरित होकर आसपास की महिलाएं अपने घरों में पौधे लगाने लगींं
ड्यूटी से लौटने के बाद नीलम पौधों की देखभाल में समय बिताती हैं। रोजाना पौधों की देखभाल, पानी देना, छंटाई और खाद डालना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। उनकी इस पहल से आसपास की महिलाएं भी प्रेरित होकर अपने घरों में पौधे लगाने लगी हैं। नीलम का मानना है कि हर व्यक्ति यदि एक पौधा भी लगाए और उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।