राष्ट्रव्यापी हड़ताल का रोडवेज पर किसी तरह का असर दिखाई नहीं दिया। रोडवेज की सभी बसें सुचारु रूप से चली, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आई। रोडवेज तालमेल कमेटी ने हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन कर सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक बस अड्डा परिसर में धरना दिया।
दोपहर 11 बजे तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता आजाद गिल, कर्मचारी महासंघ के राज्य उपप्रधान जसबीर चहल, कार्यकारी जिला प्रधान राजकुमार रधाना, इंटक से संजय, संदीप रंगा, गुलाब पिंडारा, बलकार, नरेंद्र सहित अन्य कर्मचारी बस अड्डे के गेट पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी कर कर्मचारियों ने गेट के पास ही धरना शुरू कर दिया। एक बजे धरना समाप्त हो गया। सर्व कर्मचारी संघ ने हड़ताल की, लेकिन इसका रोडवेज पर किसी तरह का असर नजर नहीं आया। आजाद गिल और जसबीर चहल ने कहा कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल को वह पूर्ण रूप से समर्थन देते हैं। कोरोना और शादी समारोहों को ध्यान रखते हुए बसों का चक्का जाम उचित नहीं होगा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए, इसलिए हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रदर्शन कर धरन दिया गया।
रोडवेज के पांच कर्मचारी रहे हड़ताल पर
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में रोडवेज के पांच कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इसमें दो चालक, एक परिचालक व दो वर्कशॉप कर्मचारी शामिल हैं। वहीं प्रशासन की सहायता के लिए रोडवेज ने वीरवार को 15 बसों को रिजर्व रखा हुआ था। 20 से 25 कर्मचारी फायर ब्रिगेड व पुलिस प्रशासन की सहायता के लिए रोडवेज बसों के साथ भेजे गए थे। डिपो महाप्रबंधक ने हड़ताल पर रहे पांच कर्मचारियों की सूचना निदेशालय को भेजी है। वहां से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उस हिसाब से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं अन्य विभागों में भी पांच से सात कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे।
सभी बसें चली सुचारु
बसों के परिचालन में किसी तरह की दिक्कत नहीं आई। पंजाब को छोड़ बाकी सभी रूटों पर रोजाना की तरह बसें चली। चंडीगढ़ का रूट डायवर्ट किया गया था। चंडीगढ़ की बसें अंबाला कैंट से बरवाला, पंचकूला होकर चंडीगढ़ पहुंची। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आई। चालकों-परिचालकों के स्पेयर रखे गए थे।
बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम, जींद डिपो।