जींद। परिवार पहचान पत्र के आधार पर बुजुर्गों की पेंशन अब हर माह बन रही है। प्रो एक्टिव के तहत समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय से हर महीने पेंशन बनाने के लिए सूची जारी होती और उसके बाद पेंशन बना दी जाती है। इस बार भी 334 लोगों की सूची जारी हुई, जिसमें से अधिकतर लोगों की पेंशन बनाई जा चुकी है। हालांकि सूची जारी हुए 15 दिन हुए है। इसके अलावा दिव्यांगों की सूची में तीन, विधुर और अविवाहित 216, विडो की 40 महिलाओं की सूची जारी हुई थी। सूची जारी होते ही जिला विभाग कार्यालय से पेंशन प्रक्रिया जारी हो जाती है, जिससे पात्रों को बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ती है। परिवार पहचान पत्र से पहले जिले में हर माह एक हजार से ज्यादा बुढ़ापा पेंशन बनाई जा रही थी। बीते वर्ष मार्च में मुख्यमंत्री ने खुद परिवार पहचान पत्र के माध्यम से पेंशन बनाने की शुरुआत की थी। इसमें प्रथम चरण में जिले में 265 बुजुर्गों की सूची विभाग को मिली थी। इसमें से 173 की पेंशन बन पाई थी। इसके बाद दूसरे चरण में 35 नाम की सूची आई तो इसमें से 19 की पेंशन बनी। तीसरे चरण में 333 की सूची आई जिसमें से 249 की पेंशन बनी। इसके बाद सितंबर में केवल 151 बुजुर्गों की सूची मिली। इनमें से 109 बुजुर्गों की पेंशन समाज कल्याण विभाग ने दस्तावेजों की जांच कर बनाई। इसके बाद दिसबंर में भी लगभग 35 लोगों की सूची मिली थी, जो काफी कम संख्या थी। जनवरी में 552 बुजुर्गों के नाम की सूची मिलने से बुजुर्गों को राहत दी थी और उसके बाद फरवरी में 334 बुजुर्गों की सूची जारी की गई है।
60 से ज्यादा उम्र होने के बाद भी नहीं आ रहा था नाम
परिवार पहचान पत्र के तहत बनने वाली बुजुर्गों की पेंशन से पहले बुजुर्गों को पहले काफी दिक्कत हो रही थी, क्योंकि काफी बुजुर्गों की उम्र 60 से भी अधिक हो चुकी थी, लेकिन बिना कागज के उनकी पेंशन नहीं बन पा रही थी। अब प्रो एक्टिव के तहत पात्र बुजुर्गों की पेंशन बन रही है। सूची जारी होते ही जिला समाज कल्याण विभाग कार्यालय से पात्र व्यक्ति के पास सूचना दी जाती है और उन्हें कागजात जमा करवाने के लिए बुलाया जाता है। कागजात पूरे होने के बाद पात्र व्यक्ति की पेंशन बना दी जाती है।
सवा लाख से ज्यादा बुजुर्ग ले रहे पेंशन
जिले में फिलहाल एक लाख 25550 व्यक्ति बुढ़ापा सम्मान भतता ले रहे हैं। इसके अलावा 15 हजार सात दिव्यांग, 55 हजार 132 विडो, आश्रित बच्चे 16 हजार 580, लाडली योजना के 2271, स्कूलों में नहीं जाने वाले आश्रित बच्चे 685, किन्नर एक, बौना एक, तेजाब पीड़ित एक लड़की को योजना का लाभ मिल रहा है।
परिवार पहचान पत्र के आधार पर पेंशन बनाई जा रही है। इस बार पेंशन बनवाने को लेकर मुख्यालय की तरफ से 334 लोगों की सूची जारी हुई थी। उन लोगों के कागजात चेक कर उनकी बुढ़ापा पेंशन बना दी है, जिनकी अगले महीने तक पेंशन खाते में आ जाएगी। -सरोज देवी, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी जींद