29जेएनडी02-पुष्पेंद्र मलिक का फ ोटो। स्रोत परिजन
जुलाना। जैजैवंती गांव के पहलवान पुष्पेंद्र मलिक को बचपन से ही खिलाड़ी बनकर देश का नाम रोशन करने की लालसा रही है। पुष्पेंद्र मलिक मदीना गांव निवासी अपने मामा कृष्ण पहलवान को बचपन में खेलते हुए देखते आए हैं। इससे उनके मन में भी खेल के प्रति लालसा जागी। पुष्पेंद्र के पिता कुलदीप मलिक सेना में रिसालदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
माता सुनीता अध्यापिका हैं। वहीं पुष्पेंद्र के दादा रामगोपाल मलिक जिला राजस्व लेखाकार थे। उनका सपना था कि पोता कुश्ती में खेलकर देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीते। यही सपना पुष्पेंद्र के पिता का भी है। इसी सपने को हकीकत बनाने के लिए पुष्पेंद्र ने लगातार मेहनत कर एक-एक सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। हाल ही में पुष्पेंद्र ने कुश्ती में कई मेडल और खिताब अपने नाम किए हैं। पुष्पेंद्र इससे पहले 9 बार नेशनल में मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा जूनियर एशियन और भारत केसरी का खिताब भी अपने नाम किया है। पिछले साल 7 अप्रैल को हिमाचल के बलद्वारा में आयोजित कुश्ती दंगल में पुष्पेंद्र मलिक ने महाराष्ट्र के पहलवान सिकंदर शेख को पांच मिनट में चित कर हिंद केसरी खिताब अपने नाम किया।