संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सोनीपत-जींद रेलखंड के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने बुधवार को संसद में रेलवे मंत्रालय से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बढ़ती यात्री और मालगाड़ी आवाजाही को देखते हुए रेलखंड के दोहरीकरण, गति बढ़ाने, सिग्नल प्रणाली के आधुनिकीकरण और मेमू-डेमू ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
उन्होंने सारंग रोड रेलवे अंडरपास में हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव की समस्या का भी मुद्दा उठाया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब में बताया कि जींद-सोनीपत 90 किलोमीटर लंबा एकल रेलखंड है जिस पर प्रतिदिन 10 यात्री और लगभग आठ मालगाड़ियां संचालित हो रही हैं। वर्तमान में यह रेलखंड मौजूदा यातायात भार वहन करने में सक्षम है।
रेल मंत्री ने बताया कि बिशनपुरा और जींद सिटी के बीच 5.21 किलोमीटर कॉर्ड लाइन बिछाने की परियोजना स्वीकृत की गई है, जिस पर 76.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा पिल्लूखेड़ा और मडलौडा रेलवे स्टेशनों पर दूसरी लूप लाइन बनाने के लिए क्रमशः 6.17 करोड़ और 6.33 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सोनीपत-जींद रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने का कार्य शुरू हो चुका है। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए रेलवे सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सोनीपत-जींद रेलखंड के आधुनिकीकरण, यात्रियों की सुविधाओं और लंबित परियोजनाओं को लेकर वह संसद में लगातार आवाज उठाते रहेंगे।