दुड़ाना गांव में दो वर्ष पहले बहूं और डेढ़ साल की पोती पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की दोषी सास तेजो देवी को अदालत ने आजीवन कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव दुड़ाना निवासी मंजू ने पीजीआई रोहतक में ड्यूटी मजिस्ट्रेट को बयान दिया था कि उसकी सास तेजो देवी उसके साथ हर समय मारपीट और विवाद करती थी। पांच सितंबर 2018 की शाम को वह अपनी डेढ़ माह की बच्ची तन्या को गोद में लेकर रसोई में चाय बना रही थी। इसी दौरान पीछे से आई उसकी सास ने दोनोें पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग लगते ही उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग को बुझाया। इसमें वह और उसकी बेटी झुलस गईं। दोनोें को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया, मगर वहां से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। मंजू द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दिए बयान के आधार पर उसकी सास तेजो देवी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया था। 20 सितंबर 2018 को मंजू की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जिस पर पुलिस ने तेजो देवी के खिलाफ हत्या की धारा जोड़कर गिरफ्तार कर लिया था। उसी समय से मामला अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए तेजो देवी को अंतिम सांस तक जेल में रहने और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बता दें कि आग से झुलसी मंजू की डेढ़ माह की बेटी तन्या बच गई थी।