जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय स्थित छत्रपति शिवाजी छात्रावास के होस्टल की पानी की टंकी में मृत बंदर मिलने से छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों में हड़कंप मच गया। टंकी में बंदर के मरने की जानकारी मिलने पर छात्रों ने सीआरएसयू प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन की कार्य शैली पर सवाल खड़े करते हुए वीसी व रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा। इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
विद्यार्थियों ने पानी की टंकी में मृत बंदर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जो भी पानी सप्लाई के कार्य को देखता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंदर के हालात को देखकर विद्यार्थियों ने बताया कि लगभग चार से पांच महीने पहले मरा हुआ लग रहा है। कई महीने से पानी में बदबू आ रही थी। इसके कारण हॉस्टल में रहने वाले कई विद्यार्थी बीमार भी हो चुके थे, लेकिन किसी ने पानी की जांच नहीं करवाई। एनएसयूआई के डॉ. मोहित नैन, जयदीप सिंधु, प्रिंस मान, आशीष मलिक, रोहित, नवीन, छात्र नेता सुमित लाठर ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए विद्यालय प्रशासन की कार्य शैली हमेशा से ही सुर्खियों में रही है। विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों की समस्याओं को दूर करने की बात हो या फिर छात्रों को सुविधा उपलब्ध करवाने में सबकुछ अधूरा है। जब पानी से बहुत ज्यादा बदबू आई और छात्रों ने छत पर जाकर टंकी देखी तो बंदर के मरने की बात सामने आई। अगर छात्र टंकी में मृत बंदर को नहीं देखते तो वह इसी पानी को पीकर बीमार होते रहते।
सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ वीडियो
विश्वविद्यालय के किसी छात्र ने पानी की टंकी में मृत बंदर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वायरल वीडियो के माध्यम से यह बताया गया कि कैसे पानी की टंकी में बंदर मृत पड़ा है। वीडियो वायरल कर विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के स्वास्थ्य के प्रति अपनी आंखें खोलने के लिए कहा गया।
मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई के निर्देश : डॉ. मोहन
टंकी में मृत बंदर होने का मामला छात्रों ने संज्ञान में लाया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे बाहर निकलवा दिया और टंकी की सफाई करवाई। लापरवाही किस स्तर पर हुई है इसकी जांच करवाई जाएगी, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों की सेहत से खिलवाड़ न हो सके। -डॉ. लवलीन मोहन, रजिस्ट्रार, सीआरएसयू जींद।
25जेएनडी18: वीसी तथा रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपते हुए छात्र। स्वयं
25जेएनडी18: वीसी तथा रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपते हुए छात्र। स्वयं