जींद। समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और वंचित वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से अलेवा की समाजसेवक मोनिका रानी ने सराहनीय पहल शुरू की है। मोनिका रानी गरीब व दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही हैं।
मोनिका रानी बताती हैं कि आज के समाज में कई ऐसे बच्चे हैं जो गरीबी, दिव्यांगता या संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। आर्थिक तंगी के कारण बच्चे न तो स्कूल जा पाते और न ही ट्यूशन जैसी सुविधाएं ले पाते हैं। ऐसे में बच्चे अक्सर गलत संगत में पड़ जाते हैं या बाल मजदूरी करने को मजबूर हो जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि समाज में सुधार लाने के लिए बच्चों का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा से न केवल बच्चों का बौद्धिक विकास होता है बल्कि उनका नैतिक और सामाजिक विकास भी सुनिश्चित होता है।
वह घर-घर जाकर जरूरतमंद बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं और उनके अभिभावकों को भी शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। उनका उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा केवल गरीबी के कारण अपनी शिक्षा अधूरी न छोड़े। वह विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए सरल और सहयोगात्मक शिक्षण पद्धति अपनाती हैं ताकि वह भी आत्मनिर्भर बन सकें। मोनिका बीए, एमए (अर्थशास्त्र), जेबीटी, बीएड की पढ़ाई की है और सीटेट पास हैं।