जींद। मनरेगा श्रमिक यूनियन संबंधित सीटू की बैठक शुक्रवार को कार्यालय में जिला संयोजक अशोक की अध्यक्षता में हुई। इसमें टीटोखेड़ी गांव की मनरेगा मजदूर कमलेश की साइट पर काम करते हुए हुई मौत पर शोक जताया गया। इस दौरान प्रशासन व सरकार से मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई।
अशोक ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि मनरेगा मजदूरों की मांगों को लेकर 10 जुलाई को डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इस तरह की घटना पर रोक लगाने के लिए सभी तरह के बचाव के उपकरण एवं सेफ्टी किट मजदूरों को मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार मनरेगा मजदूरों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। पांच साल में मजदूरों की काम करते हुए मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार ने न मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया और न ही घायलों को उपचार। महंगाई, बेरोजगारी के चलते मजदूरों का जीना कठिन हो गया है।