गांव घिमाना से लापता हुए किसान राजेंद्र का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया। सदर थाना पुलिस ने इस दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। किसान का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने टीमों का गठन किया और संभावित ठिकानों पर रविवार को छापेमारी की।
साइबर क्राइम की टीम ने इस दौरान लापता किसान की कॉल डिटेल को भी खंगाला और लापता होने से पहले की रात के आए हुई फोन के बारे में जानकारी जुटाई। लेकिन लापता किसान का मोबाइल घर पर होने के चलते उसकी आगामी लोकेशन को पुलिस लोकेट नहीं कर पाई।
हालांकि इस दौरान परिजनों द्वारा कुछ संदिग्ध लोगों के दिए गए नंबरों की भी जांच की गई, लेकिन वहां से भी पुलिस को सफलता हासिल नहीं हो पाई। ज्ञात रहे कि किसान राजेंद्र एक जनवरी की सुबह घर से सैर के लिए खेतों की तरफ निकला था। जहां पर खेतों से वह लापता हो गया और घटना स्थल से किसान की चादर मिली और वहां पर किसी वाहन के आने के निशान थे।
इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने बताया कि उनकी पुस्तैनी जमीन का बंटवार हुआ था और इस जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए एक जनवरी को करानी थी, लेकिन एक जनवरी की अल सुबह ही राजेंद्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया।
इसके चलते शनिवार को काफी संख्या में गांव घिमाना के लोग डीएसपी कुलवंत बिश्रोई से मिलकर अपहरण करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद से सदर थाना पुलिस ने किसान राजेंद्र की तलाश शुरू कर दी है।
सदर थाना प्रभारी धर्मबीर ने बताया कि लापता हुए किसान राजेंद्र का फिलहाल कोई सुराग नहीं लग पाया। लापता किसान का सुराग लगाने के लिए पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है। मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है।