फोटो 27जेएनडी14-हवन, सत्संग के बाद प्रसाद के रूप में औषधी वाला पौधा देते हुए। स्रोत सदस्य
उचाना। ब्राह्मण धर्मशाला में मासिक हवन एवं सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ब्राह्मण धर्मशाला प्रधान रघुबीर शर्मा ने की। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। यज्ञ का संचालन शास्त्री सुनील दत्त तारखा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया। उन्होंने भजनों की प्रस्तुति भी दी।
वहीं चंद्रपाल, रामपाल वैद, मुनीदेव और कर्मचंद ने भजन एवं धार्मिक उपदेशों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति जागरूक किया। हवन व सत्संग के उपरांत प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को औषधीय पौधे वितरित किए गए। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण का संदेश दिया गया।
संयोजक मा. रामप्रसाद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर ही हम प्रकृति का संतुलन बनाए रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार प्रसाद के रूप में औषधीय पौधे वितरित किए गए, ताकि श्रद्धालु इन्हें अपने घरों में लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के चार प्रमुख स्तंभ सत्य, तप, दया और दान हैं। हवन से वातावरण शुद्ध होने के साथ-साथ समाज में सद्भावना, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस मौके पर रामपाल वैद, शीशपाल शास्त्री, पवन शर्मा, मक्खन, हरिकेश शास्त्री, जगबीर दूहन, सतबीर फौजी, डॉ. जगदीप मोर, दिनेश पालवां और देशराज खरकभूरा मौजूद रहे।