जींद। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका से लेकर कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक अप्रैल को मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं 16 से 25 मार्च के बीच हुई वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम अभिभावकों के साथ साझा किए जाएंगे। विद्यार्थियों की प्रगति समग्र प्रगति कार्ड के माध्यम से बताई जाएगी।
बालवाटिका तीन के बच्चों का मूल्यांकन निपुण एप की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। इसको लेकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला व खंड स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ स्कूल मुखियाओं को निर्देश जारी किए हैं।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों की समग्र प्रगति रिपोर्ट विषयवार तैयार की जाए। इसमें स्वयं मूल्यांकन और सहपाठी मूल्यांकन के कॉलम भी अनिवार्य रूप से भरवाए जाएंगे ताकि बच्चों में आत्मविश्लेषण की भावना विकसित हो सके।
अभिभावकों से निरीक्षण संबंधी कॉलम भरवाए जाएंगे
पीटीएम के दौरान अभिभावकों से समग्र प्रगति कार्ड में निरीक्षण संबंधी कॉलम भरवाए जाएंगे। साथ ही प्रवेश उत्सव को बढ़ावा देने, स्कूल प्रबंधन समिति की भागीदारी बढ़ाने और खेल आधारित गतिविधियों को शामिल करने पर भी विशेष जोर रहेगा। इस पहल से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
वर्जन
पीटीएम की प्रभावी निगरानी के लिए जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी, क्लस्टर प्रभारी, बीआरपी और एबीआरसी स्कूलों का दौरा करेंगे। वे अभिभावकों से सीधा संवाद कर फीडबैक लेंगे और गूगल फॉर्म के जरिए रिपोर्ट सौंपेंगे। स्कूल प्रणालियों को पीटीएम की रिपोर्ट क्लस्टर स्तर पर भेजनी होगी जिसे बाद में ब्लॉक कार्यालयों में संकलित किया जाएगा।
-राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर