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माता-पिता या अभिभावकों की सहमति के बिना नहीं हो शादी

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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल की प्रदेश स्तरीय बैठक जाट धर्मशाला में संयोजक भरत सिंह बैनीवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सरकार द्वारा लड़कियों की शादी की आयु 18 से 21 वर्ष करने को गलत बताया गया। अध्यक्ष मंडल द्वारा कहा गया कि किसान आंदोलन से संबंधित मुद्दे हल होने के बाद आरक्षण आंदोलन चलाया जाएगा।
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अध्यक्ष मंडल के अध्यक्ष वीरभान ढुल ने कहा कि शादी के लिए दोनों पक्षों के माता-पिता या अभिभावकों की सहमति होनी चाहिए। दोनों के अभिभावकों की सहमति के बिना शादी नहीं होनी चाहिए। सभी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और गिरजाघर दोनों पक्षों के अभिभावकों की सहमति के बिना शादी नहीं करें। इसी से इस विवाह संबंधी समाज में फैली बुराई को रोका जा सकता है। बैठक में बुजुर्ग पेंशन को आर्थिक आधार से जोड़ने की निंदा की गई क्योंकि बुजुर्गों की कोई आय नहीं होती। यह बुजुर्गों के लिए एक सम्मान भत्ता है जिसे सरकार छीनने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर किताब सिंह भनवाला, सतबीर पूनिया, कृष्ण किरमाना, दिलबाग दलाल, रामफल गुलिया, राज सिंह, वेद सिंह, सोहन सिंह, प्यारा राम, जगत सिंह, प्यारेलाल, रामभज पहल, जगबीर राणा, हरेंद्र राणा, खजान सिंह, जयनारायण, डॉ. दलबीर सिंह, प्रो. दलबीर सिंह और अमरचंद आदि मौजूद रहे।
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