05जेएनडी35: शहर की अनाजमंडी में गेहूं की फसल की ढेरी की जांच करते हुए मार्केट कमेटी सचिव संजीव
जींद। नए खरीद नियमों के विरोध में शहर की अनाजमंडी की दोनों एसोसिएशनों के प्रधानों सोनू भारद्वाज और सुशील सिहाग ने बैठक कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है। इसके चलते सोमवार से मंडी में खरीद नहीं होगी। आढ़तियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल के तहत सभी आढ़ती प्रतिदिन सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक मंडी के गेट नंबर एक पर धरना देंगे। चेतावनी दी गई है कि यदि किसी आढ़ती ने मंडी में फसल उतरवाई तो उस पर प्रति ट्राॅली 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। आढ़तियों के फैसले के बाद मंडी में सरसों और गेहूं की खरीद बंद हो गई है।
इस समय गेहूं और सरसों की कटाई जोरों पर है और किसान अपनी फसल लेकर मंडियों का रुख कर रहे हैं लेकिन खरीद बंद होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मौसम पहले ही बिगड़ा हुआ है। ऐसे में फसल को लंबे समय तक खुले में रखना नुकसानदायक साबित हो सकता है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो किसानों आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
आढ़तियों ने बताया कि मांगों को लेकर हरियाणा राज्य अनाजमंडी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामअवतार तायल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया है। इससे पहले मंडी के प्रधानों ने विश्राम गृह में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं भी रखीं।
सरकार द्वारा बनाए गए नए खरीद नियम उनके हितों के खिलाफ हैं और इन्हें तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। फिलहाल, मंडी में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।