गेट पर लगा ताला दिखाते संस्थाओं के लोग।
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रानी तालाब में कूदकर आत्महत्या करने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा रानी तालाब का गेट बंद कर दिया गया है। इस पर शहर की कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने रोष जताते हुए रानी तालाब व भूतेश्वर मंदिर का मुख्य गेट खोलने की मांग की है। संस्थाओं ने कहा कि जिसे आत्महत्या करनी है, जरूरी नहीं कि वह गेट से ही रानी तालाब में आए। वह कहीं से भी अंदर आ सकता है।
इसको लेकर जयति जयति हिंदू महान संगठन, शिव मंदिर कल्याण सभा, भगवान परशुराम सेवा धाम, सनातन धर्म सभा के कार्यकर्ताओं ने मंदिर के उपस्थित होकर प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। इन लोगों ने कहा कि गेट बंद करना हिंदू धर्म की आस्था पर चोट है। तालाब चारों और से खुला हुआ है। जिसको मरना है वो जरूरी नहीं की दरवाजे से ही आएगा। वह तो तालाब में कहीं से भी अंदर आ सकता है। जयति जयति हिंदू महान संगठन के संयोजक अतुल चौहान ने कहा कि प्रशासन ऐसे फैसले लेता है, जिससे हिंदुओं की ही भावनाएं आहत होती हैं। हर रोज सैकड़ों लोग मंदिर में पूजा करने आते हैं। परिक्रमा करने आते हैं। प्रशासन ने उनकी भावनाओं का भी ख्याल नहीं किया। उन्होंने कहा कि लोग तो नहरों व रेलवे लाइन पर भी आत्महत्या करते हैं। क्या प्रशासन इनकों भी बंद कर देगा।