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Jind News: सफीदों के गंगोली की मनीषा इसरो में रिसर्च ऑफिसर बनीं

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25जेएनडी28-नानी के साथ मनीषा कौशिक। स्रोत ग्रामीण
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उचाना। जिले के गांव गांगोली की बेटी मनीषा कौशिक ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में रिसर्च ऑफिसर के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और पंचायत ने मनीषा को सम्मानित करने के लिए जल्द ही विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।
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मनीषा हरियाणा से इसरो में रिसर्च ऑफिसर पद के लिए चयनित होने वाली एकमात्र उम्मीदवार हैं। जैसे ही चयन सूची में उनका नाम आया परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
मनीषा के पिता रणधीर सिंह गांव में बूथ संचालक हैं जबकि माता शीला देवी गृहिणी हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ी मनीषा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनके चाचा इंद्र सिंह ने बताया कि मनीषा शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रही हैं। उन्होंने दसवीं की पढ़ाई गांव के परशुराम स्कूल से और 12वीं विवेकानंद स्कूल से पूरी की।
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मनीषा कौशिक ने एमडीयू रोहतक से एमएससी की डिग्री हासिल की है। उन्होंने जेआरएफ में अखिल भारतीय स्तर पर 14वां रैंक प्राप्त किया था।खास बात यह रही कि मनीषा ने किसी संस्थान से ऑफलाइन कोचिंग नहीं ली। घर पर रहकर पढ़ाई और लगातार मेहनत के बल पर उन्होंने यह सफलता हासिल की।
मनीषा कई प्रतियोगी परीक्षाओं के सात पेपर पहले ही क्लियर कर चुकी थीं और इंटरव्यू में भी सफल रहीं। नीषा रोजाना सुबह साढ़े पांच बजे उठकर पढ़ाई करती थीं। पढ़ाई के साथ-साथ वह घर के कामों में भी हाथ बंटाती थीं। उनका आत्मविश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। मनीषा अक्सर परिवार से कहती थीं कि इस बार उनका चयन निश्चित है क्योंकि उनकी तैयारी पूरी है।

गांव के लोगों ने मनीषा की सफलता को बेटियों के लिए प्रेरणा बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन से कोई भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।

25जेएनडी28-नानी के साथ मनीषा कौशिक। स्रोत ग्रामीण

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