परिजनों का बयान
परिजनों ने कहा कि बलजीत शारीरिक रूप से काफी मजबूत था और वह एक या दो व्यक्तियों के काबू आने वाला नहीं था। खेतों में कम से कम पांच जगहों पर कुछ लोगों के बीच संघर्ष होने के निशान मिले हैं। इससे आशंका है कि बलजीत की हत्या से पहले कई और लोगों से भी झगड़ा हुआ है। बलजीत उर्फ बादल खेतीबाड़ी करता था। मृतक का एक बेटा है जो चंडीगढ़ में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
पैसा बन गया जान का दुश्मन
परिवार के लोगों ने बताया कि उसकी हत्या एक साजिश के तहत की गई है। कुछ महीनों पहले ही बलजीत की जमीन बिकी थी और उसके पास काफी पैसे थे। आशंका जताई कि गांव के जिन युवकों ने हत्या की है। उनकी नजर उसके रुपये पर थी। इसी कारण ही हत्या की गई है। हत्यारों का मकसद मोबाइल से रुपये ट्रांसफर करना भी हो सकता है। आरोपी 18 वर्षीय हिमांशु हत्या की वारदात के बाद फरार हो गया। हिमांशु झगड़ालु किस्म का युवक बताया जा रहा है। वह रात को बलजीत की बाइक और मोबाइल लेकर फरार हुआ। पुलिस ने हिमांशु की लोकेशन का पता किया तो अंतिम बार शहर की शिव कॉलोनी में उसकी लोकेशन मिली।
पुलिस ने बलजीत के बेटे सौरभ की शिकायत पर हिमांशु, प्रदीप और विजय को नामजद करते हुए कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रदीप और विजय दोनों सगे भाई हैं, जबकि हिमांशु दूसरे परिवार से है। वह पहले किसी दुकान पर नौकरी करता था। फिलहाल वह फर्नीचर का काम कर रहा था।
-पूजा जाखड़, सदर थाना प्रभारी जींद।
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