रोहतक से जींद रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण में बाधा बन रहे फुट ओवरब्रिज को ऊंचा उठाया जाएगा। रेलवे द्वारा इस पुल को अगले माह छह से नौ अक्टूबर के बीच ऊंचा उठाने का काम किया जाएगा। जींद रेलवे जंक्शन पर काफी सालों पुराना फुट ओवरब्रिज है। इस ब्रिज के नीचा होने की वजह से विद्युतीकरण का काम अटका है। रेलवे के नियमानुसार रेलवे लाइन पर डाली गई बिजली लाइन और आरओबी के बीच कम से कम सात मीटर की ऊंचाई होनी चाहिए। फिलहाल बिजली लाइन डालने के बाद महज दो से ढाई मीटर की ही दूरी रहती है, जिससे बिजली की तारों के पुल से हिट हो जाएंगे। इसी वजह से जींद जंक्शन पर फुट ओवरब्रिज के पास विद्युतीकरण का कार्य बंद है। रोहतक से जींद के बीच रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य लगभग अंतिम दौर में ही चल रहा है और केवल फुट ओवरब्रिज के नीचे से ही तारों को गुजारने का काम बचता है। जींद से आगे नरवाना में भी विद्युतीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। रोहतक से पंजाब के लहरा मुब्बहत तक रेलवे लाइन का विद्युतीकरण होना है। इस 252 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 294 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। रोहतक से जींद तक रेलवे लाइन का विद्युतीकरण का कार्य पूरा करके इसी साल के अंत तक ट्रेन परिचालन का लक्ष्य है।
जाखल व बठिंडा में भी बाधा बन रहे हैं ओवरब्रिज
जींद के अलावा जाखल व बठिंडा में भी फुट ओवरब्रिज नीचे पड़ रहे हैं। जींद के ओवरब्रिज को ऊंचा उठाने के बाद इन दोनों ओवरब्रिज को भी रेलवे द्वारा ऊंचा उठाया जाएगा।
अगले माह छह से नौ अक्टूबर के बीच इस फुट ओवरब्रिज को ऊंचा उठाने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे का कंस्ट्रक्शन विभाग इस पुल को ऊंचा उठाएगा। बिजली लाइन व ओवरब्रिज के बीच सात मीटर की दूरी होनी अनिवार्य है। जाखल व बठिंडा में भी ओवरब्रिज की ऊंचाई भी कम है। जींद के ओवरब्रिज को ऊंचा उठाने के बाद इसे भी ऊंचा उठाया जाएगा।
- आरपी सिंह, सहायक इंजीनियर
आरई, रेलवे।