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हाल्ट बनाने की मांग, छह गांवों के ग्रामीण धरने पर

Wed, 30 Dec 2015 12:21 AM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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 खरकरामजी गांव में जींद-सोनीपत रेलवे लाइन पर हाल्ट बनाने की मांग को लेकर मंगलवार को खरकरामजी, बराह कलां, बराह खुर्द, सिंधवी खेड़ा, चाबरी व सुंदरपुर गांव के ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक के पास धरना दिया। छह ग्रामी रेल ठहराव संघर्ष समिति के प्रधान कुलदीप ढांडा की अध्यक्षता में सैकड़ों ग्रामीण धरने में शामिल हुए।

हाल्ट बनाने की मांग को लेकर ग्रामीण बुधवार को सांसद रमेश कौशिक व बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह से मिलेंगे।
गौरतलब है कि जींद-सोनीपत रेलवे मार्ग पर पिंडारा रेलवे जंक्शन के बाद ललित खेड़ा में हाल्ट बनाया गया है, जो पिंडारा से 14 किलोमीटर की दूरी पर है।

वहीं खरकरामजी गांव पिंडारा से छह किलोमीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों का कहना है कि पिंडारा जंक्शन व ललित खेड़ा हाल्ट ज्यादा दूर होने की वजह से खरकरामजी, बराह कलां, सुंदरपुर, बराह खुर्द, सिंधवी खेड़ा व चाबरी को कोई फायदा नहीं होगा।
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पिंडारा जंक्शन व ललित खेड़ा के ठीक मध्य स्थित खरकरामजी गांव में हाल्ट बनाने से छह गांव के ग्रामीणों को आसानी होगी। खरकराजमी गांव में प्राचीन निरंकार मंदिर है, जहां हर वर्ष दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु आते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2008 में तत्कालीन रेलवे मंत्री और रेलवे उच्च अधिकारियों से गांव खरकरामजी में ट्रेन के ठहराव की स्वीकृति के लिए ज्ञापन दिया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने ठहराव की स्वीकृति का आश्वासन दिया था, लेकिन अब ज्ञात हुआ है कि ट्रेन का ठहराव स्वीकृत नहीं हुआ है।

ग्रामीणों ने कहा कि जब तक हाल्ट बनाने की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। धरने पर महंत सुखबीर, राजबीर कटारिया, पूर्व सरपंच सूबे सिंह, खरकरामजी गांव के निवर्तमान सरपंच अजमेर, सतबीर चाबरी, सुरेश, रामफल, बिजेंद्र ढांडा, प्रेम शर्मा मौजूद रहे।
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धरने पर बैठे ग्रामीणों से मिलने पहुंचे रेलवे अधिकारी
धरने पर बैठे ग्रामीणों से रेलवे अधिकारी बीएल पूनिया मिलने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा। अगले माह रेलवे डीआरएम भी जींद दौरे पर आ रहे हैं, उनके समक्ष भी ग्रामीण ये मांग रखेंगे।

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