जाट आरक्षण के लिए चल रहे आंदोलन के तहत आदर्श जाट महासभा सात फरवरी को नरवाना में मीटिंग करेगी। महासभा का दावा है कि मीटिंग में 80 खापों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
महासभा के राष्ट्रीयध्यक्ष डॉ. पवनजीत बनवाला ने कहा कि सात फरवरी को यदि मीटिंग में आए लोगों की सहमति बनी तो नरवाना में ही रेल ट्रैक जाम कर दिया जाएगा। बनवाला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फिलहाल हजारों नौकरियां निकाल रखी हैं।
इन नौकरियों में जाटों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए प्रदेश सरकार को विधानसभा में अध्यादेश लाना चाहिए।
बनवाला ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री संजीव बाल्यान जाट आरक्षण की वकालत कर रहे हैं और प्रदेश के जाट नेताओं और मंत्रियों को भी सार्वजनिक तौर पर इसका समर्थन करना चाहिए।
इस मौके पर धनखड़ खाप के प्रधान डॉ. ओपी धनखड़, डॉ. सूबे सिंह श्योकंद, भलेराम बैनीवाल, राजेंद्र बांगड़ व रणबीर पूनिया मौजूद रहे।
नए संगठन के साथ आंदोलन मंजूर नहीं
एक सवाल के जवाब में डॉ. पवनजीत बनवाला ने कहा कि 23 दिसंबर की रैली में कुछ लोगों ने नए संगठन का गठन किया है। बहुत सारे संगठन जाट आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में एक और संगठन का स्वागत है, लेकिन उस बैनर और संगठन के साथ उन्हें जाट आरक्षण की लड़ाई मान्य नहीं है।
आत्मदाह नहीं लड़ते हुए मरें
डॉ. बनवाला ने कहा कि कुछ युवाओं की तरफ से बयान आया है कि यदि आरक्षण नहीं मिला तो वे आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मदाह की सोचनी भी नहीं चाहिए। इससे अच्छा होगा कि वे आरक्षण की लड़ाई लड़ते हुए मरें।
चंदे पर विवाद
जाट आरक्षण की लड़ाई के लिए किए जा रहे चंद पर बनवाला ने कहा कि किसानों की तीन फसल बर्बाद हो चुकी हैं। ऐसे में उनसे चंदा नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाटों को भी चंदा नहीं देना चाहिए और जिन लोगों ने चंदा लिया है, उन्हें इसका हिसाब देना चाहिए।