16जेएनडी01: चौपाल कार्यक्रम के दौरान मौजूद ग्रामीण। स्रोत प्रशासन
जींद। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की सातवीं बटालियन बठिंडा की ओर से रविवार को चाबरी व मोरखी गांव में चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आपदाओं से बचाव एवं प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने बताया कि एनडीआरएफ टीम और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से जिले में स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम और चौपाल कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य लोगों को बाढ़, भूकंप जैसी आपदाओं से बचाव के उपाय बताना और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी देना है। कार्यक्रम में एनडीआरएफ टीम प्रभारी ओमप्रकाश बिश्नोई ने ग्रामीणों को आपदाओं से बचाव की जानकारी दी।
ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से आपदा प्रबंधन में ग्रामीणों की क्षमता बढ़ेगी और वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में सही कदम उठा सकेंगे। उन्होंने ग्रामीणों को सीपीआर, भूकंप व बाढ़ से बचाव, सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा उपाय, रक्तस्राव नियंत्रण और हीट वेव-कोल्ड वेव से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया। गांव चाबरी से ग्राम सचिव कुमारी रितु और सरपंच रोहताश और गांव मोरखी से ग्राम सचिव अनिल कुमार और सरपंच सरिता देवी ने कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की। इस मौके पर एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट इंस्पेक्टर त्रिलोक सिंह, हवलदार सूरज डिमरी, हवलदार नरेंद्र सिंह, हवलदार क्षेत्रीय अखिलेश, सिपाही कैलाश खड़का, सिपाही भूपेंद्र, महिला कर्मी पूनम, अमिता और जिला प्रशासन की ओर से डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर अथॉरिटी से संतरा, नवीन और विक्रम मोर मौजूद रहे।