सड़कों पर कब्जा जमाए बैठी गाय व नंदी का फाइल फोटो। संवाद।
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जींद। नगर परिषद द्वारा सड़कों पर रहने वाले बेसहारा गोवंश को पकड़ने का अभियान फिलहाल रोक दिया गया है। इस समय पशुओं में चल रही लंबी चर्म रोग वायरस के कारण यह फैसला लिया गया। गोशालाओं से लेकर सड़कों पर घूम रहे पशुओं में भी लंपी वायरस फैल चुका है। इस कारण अन्य पशुओं को यह रोग नहीं हो, इसके लिए यह सितंबर महीने से ही गोवंश को पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा।
पिछले लगभग डेढ़ महीने से बारिश व मच्छरों के कारण शहर में घूम रहे बेसहारा पशु शाम होते ही सड़कों पर आ जाते हैं। सड़कों पर बेसहारा पशु आने के कारण सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह पशु सड़कों से हटाने जरूरी थे। इसलिए नगर परिषद ने इन पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका दे दिया। पिछले ठेकेदार का ठेका हालांकि खत्म हो गया था लेकिन उसी ठेकेदार को दो महीने और एक्सटेंशन दे दी गई। एक पशु को गोशाला में छोडने के लिए ठेकेदार को लगभग पौने 500 रुपये दिए जाने हैं। इस समय देश के कई राज्यों में पशुओं में लंबी चर्म रोग वायरस फैला हुआ है। इस कारण अब नगर परिषद की तरफ से ठेकेदार को बेसहारा पशुओं को पकड़ने का कार्य रोकने के आदेश दिए हैं ताकि गोशालाओं में पहले से ही रखे गए नंदी व गाय को यह वायरस नहीं हो। हालांकि गोशालाओं में भी एक-दो गाय को यह रोग हो चुका है लेकिन उनको अन्य गायों से अलग रखा हुआ है। अगस्त महीने के अंत तक यह लंपी वायरस खत्म होने की उम्मीद है। इसलिए सितंबर महीने की शुरुआत में ही बेसहारा पशुओं को गोशालाओं व नंदीशालाओं में छोड़ने की योजना बनाई है।
इस समय खासकर गाय व नंदियों में लंपी चर्म रोग वायरस अधिक फैला हुआ है। पहले से ही गोशालाओं में रखी गई गाय व नंदियों को यह वायरस नहीं हो, इसके लिए फिलहाल बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान रोका गया है। जल्द ही यह अभियान शुरू किया जाएगा।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद।