जींद। कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए गए लॉकडाउन के बाद बाहर से आकर मजदूरी करने वालों पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और वे अपने घरों की ओर जाने की तैयारी करने लगे हैं। उधर, प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोगों को बहुत आपात स्थिति में घर भेजने की व्यवस्था की जा सकती है। बाकी लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाएगी।
जींद में उत्तर प्रदेश से लोग मजदूरी करने आते हैं। इनमें से अधिकतर लोग सब्जी मंडी में काम करते हैं या फिर फल-सब्जियां बेचते हैं। सब्जी मंडी के आसपास ही करीब 500 लोग रह रहे हैं। अमर उजाला ने शनिवार को ऐसे लोगों तक पहुंच कर इनकी स्थिति जानी। काम धंधे बंद होने के कारण यह लोग अपने घरों को जाना चाहते हैं। सब्जी मंडी के पास एक प्लाट में बने दस गुणा दस फुट के कमरे में चार से पांच लोग रह रहे हैं। हालांकि अभी तक इनके पास खाने-पीने की वस्तुओं की कमी नहीं है, लेकिन इन लोगों को डर सता रहा है कि आने वाले दिनों में दिक्कत बढ़ सकती है। ऐसे में अमर उजाला टीम ने इनको उन संस्थाओं के फोन नंबर भी उपलब्ध करवाए गए, जो राशन या खाना वितरण का काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिला के नरोड़ा गांव निवासी राजू यादव, गोंडा जिला के मोहमदपुर गांव निवासी ध्रुपराज व गोंडा जिला के ही खैंदोरा गांव निवासी गुले के अनुसार काम नहीं होने से यहां रहना मुश्किल हो रहा है। घर पर थोड़ी बहुत खेती है, जिसमें गुजारा हो सकता है। इन लोगों ने बताया कि आसपास के ही दस कमरों में 50 से अधिक लोग रह रहे हैं। बार-बार घर से फोन आ रहा है, लेकिन निकल नहीं पा रहे हैं।
पैदल निकलने से रोका
राजू यादव बताते हैं कि आसपास ही रह रहे लोगों ने पैदल निकलने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। क्या पता कहीं जाकर पुलिस रोक दे। ऐसे में कहीं भी नहीं जा पाएंगे।
डीएसपी से की बात, पुलिस ने शुरू की पहचान
इसी दौरान उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी एक व्यक्ति ने अपने लोगों को निकालने के लिए जींद में डीएसपी पुष्पा खत्री से फोन पर बात की। डीएसपी के अनुसार थाना प्रभारी को मौके पर भेजा गया है। इन लोगों की सूची तैयार की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि किन लोगों को जाना जरूरी है। इसकी रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जाएगी। प्रशासन इसके बाद फैसला लेगा।
उपलब्ध करवाएं तमाम सुविधाएं
प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन में कम से कम लोगों के बाहर निकलने का आह्वान किया है। ऐसे में सभी लोगों को भेजने की व्यवस्था नहीं की जा सकती। हां इन लोगों को खाना प्रशासन उपलब्ध करवाएगा। यदि किसी के परिवार को कोई ऐसी बात है कि जाना जरूरी है तो भेजा जा सकता है।
- डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
उचाना में 100 से अधिक मजदूर फंसे
वहीं उचाना में विभिन्न जगह काम करने आए राजस्थान के 100 से अधिक मजदूर फंसे हुए हैं। गंगापुर सिटी के मालियों की ढाणी निवासी मुकेश के अनुसार पिछले चार दिन से वे घरों में ही हैं। अब खाने-पीने के सामान की भी कमी होने लगी है। ऐसे में उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जाए।