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Jind News: नगूरां की गलियाें में बिक रही शराब, जिम्मेदार बने अनजान

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08जेएनडी14-नगूरां गांव की वाल्मीकि बस्ती में शराब की अवैध बिक्री को लेकर विरोध जताते ग्रामीण। स
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अलेवा। नगूरां गांव में शराब के अवैध खुर्दों को लेकर शनिवार को वाल्मीकि बस्ती के लोगों ने विरोध जताया। मामले की सूचना मिलते ही अलेवा थाना प्रभारी राजकुमार मौके पर पहुंचे और शराब के अवैध खुर्दे तुरंत प्रभाव से बंद करवाने की बात कहकर ग्रामीणों को शांत किया। हालांकि, पुलिस आने की भनक लगते ही शराब के अवैध कारोबारियों ने अपनी-अपनी दुकानों के शटर बंद कर खिसकने में ही भलाई समझी।
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ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस को बार-बार सूचित करने के बाद भी गांव की वाल्मीकि बस्ती से शराब की अवैध बिक्री बंद नहीं हो रही है। इस कारण शाम के समय शराबी गलियों में सरेआम शराब की बोतलों के साथ जाम छलकाते हैं। शराबियों की फब्तियों से बस्ती की महिलाएं परेशान हो रही हैं। नगूरां गांव के पूर्व सरपंच राजेश, सज्जन, रामफल, सतबीर, अनूप, रामजुआरी व प्रेम ने अलेवा प्रभारी राजकुमार को बताया कि गांव की वाल्मीकि बस्ती में जगह-जगह शराब के अवैध खुर्दे खुले हुए हैं।
शराबी सुबह-शाम खुर्दों के बाहर गली में शराब पीकर हुड़दंग बाजी करते हैं और महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। शराबियों की भरमार के कारण महिलाओं का गली से निकलना दूभर हो गया है। आरोप है कि मामले को लेकर तीन बार नगूरां चौकी प्रभारी को अवगत करवाया, लेकिन पुलिस ने एक बार भी शराब के अवैध खुर्दों को बंद करने की जहमत नहीं उठाई। इस कारण नगूरां गांव की वाल्मीकि बस्ती के लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति रोष है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस प्रशासन सरकारी कॉलेजों और स्कूलों में नशा मुक्ति अभियान को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया जाता है, लेकिन धरातल पर पुलिस नशाखोरी को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है। गांव की गलियों में स्थित छोटी-छोटी दुकानों में सरेआम शराब की अवैध बिक्री हो रही है।
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इसको लेकर पुलिस प्रशासन को भली भांति पता है, लेकिन फिर भी पुलिस नशाखोरों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठा रही है। इससे पुलिस का यह नशा मुक्ति अभियान केवल संबोधनों तक सिमट कर रह गया है।
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