जींद। रविवार दोपहर में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया है। शहर में हालात कर्फ्यू जैसे दिखाई दिए। सड़कें खाली रही तो बाजार भी सुनसान रहा। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों बाद मौसम में बदलाव होने के संकेत दिए हैं।
इतना ही नहीं कपास व सब्जियों के पौधे झुलसने लगे हैं। किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह गर्मी बढ़ती रही तो उत्पादन पर असर होगा। रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया जबकि हवा की गति 21 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं मौसम में आद्रता 13 प्रतिशत रहने के कारण लोगों को गर्म हवा ने परेशान किया।
पिछले तीन दिनों से अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान स्थिर बना हुआ है। वहीं दिन के समय चल रही गरम हवाओं ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी के कारण बाजारों पर साफ असर दिखाई दे रहा है। सुबह एवं शाम को ही बाजारों में दुकानों पर ग्राहक नजर आते हैं।
दोपहर को बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। फसलों पर भी बढ़ रहे तापमान का असर दिखाई दे रहा है। कपास, सब्जियों की फसलें झुलसने लगी हैं। कपास की फसल पर गर्मी की ज्यादा मार नजर आ रही हैं।
शहर के ही सतबीर, दिनेश, कुलदीप, बिजेंद्र का कहना है कि तापमान निरंतर बढ़ रहा है जिससे फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। दिन में तो घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं गर्मी बढ़ते देख जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए दोपहर को घर से जरूरी काम होने पर ही निकलने की सलाह दी है।
इस सप्ताह मौसम में बदलाव की संभावना
जिले में आगामी दिनों में तापमान में कमी आएगी। 27 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रहेगा। 28 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है। 29 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 24 डिग्री रहेगा। 30 अप्रैल को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
गर्मी में बच्चों और बुजुर्गाें का रखें ख्याल
गर्म हवाओं की चपेट से बचें परिजनों बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखें। गर्मी से बचने के लिए लोगों को भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। छोटे बच्चों को उल्टी या दस्त लगने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल जींद
वर्जन
मौसम परिवर्तनशील, शुष्क और गरम रहेगा। आगामी दिनों में बादल छाने का अनुमान है जिससे तापमान में एक-दो डिग्री की कमी आएगी।
डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू-पिंडारा जींद