खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक कर रहा बिजली निगम का लाइनमैन करंट लगने से झुलस गया। सब स्टेशन से बिजली बंद करने का परमिट लेने के बावजूद हादसा होने से नाराज ग्रामीणों सब स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों की पीटाई कर तोड़फोड़ की।
सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उधर झुलसे लाइनमैन को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव रजाना निवासी सतबीर सिंह बिजली निगम में लाइनमैन के पद पर कार्यरत है।
बृहस्पतिवार सुबह वह गांव अमरावलीखेड़ा में लाइन में आई खराबी ठीक करने गया था। इस दौरान सतबीर ने खेड़ी तलौडा स्थित 132 केवी सब स्टेशन से लाइन बंद करने का परमिट लिया था।
सब स्टेशन से उस समय तो बिजली बंद कर दी गई, लेकिन जब लाइनमैन सतबीर खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक कर रहा था, तो अचानक बिजली आ गई। बिजली आते ही लाइनमैन सतबीर करंट लगने से झुलस गया, लेकिन गनीमत यह रही कि बिजली के करंट का झटका लगते ही वह नीचे गिर गया। इससे उसकी जान बच गई। ग्रामीणों ने लाइनमैन सतबीर को नजदीक के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया।
घटना की सूचना पाकर गांव रजाना और बुढ़ाखेड़ा के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण खेड़ी तलौडा स्थित 132 केवी सब स्टेशन पहुंचे और वहां मौजूद बिजली कर्मचारियों से परमिट लेने के बावजूद बिजली सप्लाई छोड़ने का कारण पूछा। सब स्टेशन के कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
गुस्साए ग्रामीणों ने सब स्टेशन पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों के गुस्से को देखकर सब स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारी मौके से भाग गए और इसकी सूचना पिल्लूखेड़ा थाना को दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती तब तक ग्रामीण वहां से जा चुके थे। ग्रामीणों का आक्रोश था कि निगम के कर्मचारियों की लापरवाही से पहले भी एक बिजली कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार सुबह भी सब स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों की लापरवाही से लाइनमैन सतबीर झुलस गया।
ग्रामीणों ने लाइन बिछाने पर उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि अमरावलीखेड़ा की तरफ बिछाई लाइन तर्कसंगत नहीं है। यह लाइन निगम के नियमों को पूरा नहीं करती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली निगम के अधिकारियों के साथ ठेकेदार ने मिलीभगत कर लाइन में घटिया सामान लगाया है। इस कारण अक्सर लाइन खराब रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस लाइन से 116 कनेक्शन दिए गए हैं, जोकि निगम के नियमों को पूरा नहीं करते हैं। इसमें तारें ढीली पड़ी हुई हैं। इंसुलेटर, पिन व अन्य सामान काम चलाऊ है। लाइन के तारों को ईंटों और अन्य साधनों का प्रयोग करके जोड़ा गया है। बिजली निगम के कर्मचारियों के साथ-साथ ग्रामीणों पर खतरा मंडराता रहता है। बिजली निगम के कर्मचारी मौत के साये में ड्यूटी करते हैं।
पहले भी हो चुके है हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि सब स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों का लापरवाही की यह पहली घटना नहीं है। दो माह पहले निगम का एएलएम करंट की चपेट में आ गया। जिसमें वह बाल-बाल बच गया। इसके अलावा लगभग एक साल पहले बिजली निगम के लाइनमैन सहताब सिंह की इस लाइन पर कार्य करते हुए करंट लगने से मौत हो गई थी।